PM Modi Speech: पीएम मोदी के निशाने पर नेहरू से लेकर राहुल तक, पढ़ें भाषण की 10 बड़ी बातें
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Dec 2024 8:14 PM
PM Modi Speech
PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में शनिवार को संविधान पर चर्चा का जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, वहीं कांग्रेस पर जोरदार हमला किया. आइये पीएम मोदी की लोकसभा में दिए गए भाषण की 10 बड़ी बातों को जानें.
- हमारा देश बहुत तेज गति से विकास कर रहा है. भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में बहुत मजबूत कदम रख रहा है. यह 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब हम आजादी की शताब्दी बनाएंगे हम देश को विकसित भारत बनाकर रहेंगे.
- धारा 370 देश की एकता पर रुकावट था, इसलिए धारा 370 को हमने जमीन में गाड़ दिया.
- जब देश संविधान के 25 वर्ष पूरे कर रहा था उसी समय हमारे संविधान को नोच दिया गया, आपातकाल लाया गया. संवैधानिक व्यवस्थाओं को समाप्त कर दिया गया, देश को जेल खाना बना दिया गया, नागरिकों के अधिकारों को लूट लिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता को ताला लगा दिया गया, कांग्रेस के माथे पर यह जो पाप है वह धूलने वाला नहीं है.
- “1952 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को एक चिट्ठी लिखी थी. उस चिट्ठी में उन्होंने लिखा था, ‘अगर संविधान हमारे रास्ते के बीच में आ जाए तो हर हाल में संविधान में परिवर्तन करना चाहिए’. 1951 में ये पाप किया गया लेकिन देश चुप नहीं था. उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उन्हें चेताया कि ये गलत हो रहा है, लेकिन पंडित जी का अपना संविधान चलता था और इसलिए उन्होंने इतने वरिष्ठ महानुभावकों की सलाह मानी नहीं. ये संविधान संशोधन करने का ऐसा खून कांग्रेस के मुंह लग गया कि समय-समय पर वो संविधान का शिकार करती रही.”
- जो परंपरा नेहरू जी ने शुरू की थी, जिसे इंदिरा जी ने आगे बढ़ाया. राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री बने उन्होंने संविधान को एक और झटका दिया. सबको समानता, सबको न्याय इस भाव को चोट पहुंचाई. सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानो का फैसला सुनाया था, लेकिन उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की भावना को नकार दिया. उन्होंने वोट बैंक की खातिर संविधान की भावना की बलि चढ़ा दी और कट्टरपंथियों के सामने सर झुकाने का काम किया.”
- करीब 6 दशक में 75 बार संविधान बदला गया. जो बीज देश के पहले प्रधानमंत्री जी ने बोया था उस बीज को खाद-पानी देने का काम एक और प्रधानमंत्री ने किया, उनका नाम था श्रीमति इंदिरा गांधी. 1971 में सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया था, उस फैसले को संविधान बदलकर पलट दिया गया था, 1971 में संविधान संशोधन किया गया था. उन्होंने हमारे देश की अदालत के पंख काट दिए थे.”
- 370 के बारे में तो सबको पता है लेकिन 35-ए के बारे में पता बहुत कम है. भारत के संविधान का अगर कोई पहला पुत्र है तो ये संसद है लेकिन उसका भी इन्होंने गला घोटने का काम किया. 35-ए को संसद में लाए बिना उन्होंने देश पर थोप दिया. राष्ट्रपति के आदेश पर ये काम किया गया और देश की संसद को अंधेरे में रखा गया.
- “कांग्रेस को एक शब्द बहुत प्रिय है. उनका सबसे प्रिय शब्द है – ‘जुमला’. देश को पता है हिंदुस्तान में अगर सबसे बड़ा जुमला कोई था और वह 4 पीढ़ी ने चलाया, वह जुमला था – ‘गरीबी हटाओ’. यह ऐसा जुमला था जिससे उनकी राजनीति की रोटी तो सेकी जाती थी लेकिन गरीब का हाल ठीक नहीं होता था.”
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी परिवार पर हमला करते हुए कहा, कांग्रेस के एक परिवार ने 55 साल राज किए. हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी. इस परिवार के कुविचार, कुनीति लगातार चल रही है. कांग्रेस के एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाई. पीएम मोदी ने आगे कहा, कांग्रेस के मुंह संविधान संशोधन का खून लग गया.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए, अध्यादेश फाड़ने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, अहंकार से भरे लोगों ने कैबिनेट का फैसला फाड़ा था. राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, एक अहंकारी व्यक्ति ने अध्यादेश फाड़ा था. कांग्रेस ने हर मौके पर संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचाई. संविधान से खिलवाड़ करना इनकी आदत है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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