संसद सुरक्षा चूक मामला: राजस्थान में मिले आरोपियों के मोबाइल के जले टुकड़े, जानें ताजा अपडेट

Edited by Amitabh Kumar
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ललित झा ने पहले चारों आरोपियों के फोन नष्ट किए और दिल्ली आने से पहले उसने अपना फोन भी नष्ट कर दिया. संसद सुरक्षा चूक मामले का ताजा अपडेट जानें यहां

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संसद की सुरक्षा में हुई चूक मामले को लेकर कई तरह के खुलासे हो रहे है. इस बीच समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से एक खबर दी है जिसमें कहा गया है कि संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में पांच आरोपियों के मोबाइल फोन के हिस्से राजस्थान से बरामद कर लिये गये है. सभी फोन, जो कथित ‘मास्टरमाइंड’ ललित मोहन झा ने अपने पास रखे थे, जली हुई हालत में मिले हैं. इससे पहले दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने किया था कि ललित झा ने दिल्ली आने से पहले पांच मोबाइल फोन नष्ट कर दिए और जांच टीम को गुमराह करने का काम कर रहा है. बताया जा रहा है कि मामले के मास्टरमाइंड ने राजस्थान के कुचामन में भागने के बाद चार नहीं बल्कि पांच मोबाइल फोन नष्ट कर दिए थे.

ललित झा ने पहले चारों आरोपियों के फोन नष्ट किए

जांच में इस बात की जानकारी सामने आई है कि ललित झा ने पहले चारों आरोपियों के फोन नष्ट किए और दिल्ली आने से पहले उसने अपना फोन भी नष्ट कर दिया. एएनआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि ललित लगातार जांच टीम को गुमराह कर रहा था. जांच टीम ने सेल्युलर कंपनी को पत्र लिखकर ललित और बाकी चार आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी है.

Also Read: ‘संसद में हुई घटना चिंताजनक’, बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- जरूरी है गहराई से जांच

संसद में जारी घमासान के बीच पीएम मोदी ने कहा है कि संसद में हुई घटना चिंताजनक है. इसकी गहराई से जांच जरूरी है. आपको बता दें कि संसद में चूक की घटना 13 दिसंबर को देखने को मिली थी.

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संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में छठी गिरफ्तारी

इस बीच, संसद की सुरक्षा में सेंध के मामले में छठी गिरफ्तारी राजस्थान के नागौर से महेश कुमावत की शनिवार को हुई. वह कथित तौर पर साजिश रचने के लिए पिछले दो वर्षों से अन्य आरोपियों के संपर्क में था. सबूत मिटाने के लिए उनके मोबाइल फोन नष्ट कर दिए थे. आपको बता दें कि एक सप्ताह के लिए पुलिस हिरासत में भेजे गए सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों-कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं. सूत्रों के हवाले से जो मीडिया में खबर चल रही है उसके अनुसार, जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ा है, पुलिस टीम 13 दिसंबर की घटना की आगे की जांच के लिए आरोपियों के राज्यों के लिए रवाना हो गई हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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