Parliament Operation Sindoor Debate: '22 अप्रैल का बदला सेना ने 22 मिनट में लिया', विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला

Published by : Pritish Sahay Updated At : 29 Jul 2025 9:59 PM

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Parliament Operation Sindoor Debate

Parliament Operation Sindoor Debate: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, सदन में भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हुआ हूं. उन्होंने कहा, ये आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का सत्र है. उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर ने तय कर दिया कि आतंक के आकाओं और पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच के समन्वय ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए. भारत ने सिद्ध कर दिया कि ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग’ अब नहीं चलेगी और इसके सामने भारत नहीं झुकेगा.

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Parliament Operation Sindoor Debate: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, सदन में भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हुआ हूं, जिन्हें भारत का पक्ष नहीं दिखता, उन्हें आईना दिखाने के लिए खड़ा हूं. उन्होंने कहा, ये आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का सत्र है. ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की शौर्य गाथा है. पीएम मोदी ने कहा कि यह विजयोत्सव आतंकी मुख्यालय को मिट्टी मिलाने और सिंदूर का सौगंध पूरा करने का है. पीएम मोदी ने कहा, आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था, जो ऑपरेशन सिंदूर के साथ पूरा हुआ. हमने आतंकवादियों को कल्पना से भी परे सजा दी. हमने सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी थी.

22 अप्रैल का बदला 22 मिनट में लिया: पीएम मोदी

लोकसभा में प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, 22 अप्रैल का बदला भारतीय सेना ने 22 मिनट में ले लिया. पीएम मोदी ने कहा, “हमने मारा, पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया.” ऑपरेशन सिंदूर ने तय कर दिया कि आतंक के आकाओं और पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच के समन्वय ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए. भारत ने सिद्ध कर दिया कि ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग’ अब नहीं चलेगी और इसके सामने भारत नहीं झुकेगा. पीएम मोदी ने कहा गर्व है कि आतंकियों को ऐसी सजा दी कि आतंक के आकाओं की नींद उड़ी हुई है.

भारत में दंगे फैलाने की साजिश नाकाम हुई : पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में जो क्रूर घटना घटी, जिस तरह आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी, वो क्रूरता की पराकाष्ठा थी. ये भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सोचा-समझा प्रयास था. ये भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी. आज मैं देशवासियों का धन्यवाद करता हूं कि देश ने एकजुटता के साथ उस साजिश को नाकाम कर दिया.”
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने कहा था कि यह भारत के ‘विजयोत्सव’ का एक सत्र है…जब मैं ‘विजयोत्सव’ की बात कर रहा हूं, तो मैं कहना चाहूंगा – ये ‘विजयोत्सव’ आतंकवादी मुख्यालय को मिट्टी में मिलाने का है.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं इस सदन के समक्ष भारत का पक्ष रखने के लिए यहां खड़ा हूं. जो लोग भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, मैं उन्हें आईना दिखाने के लिए यहां खड़ा हूं.”

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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