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पलानीस्वामी ही संभालेंगे AIADMK की कमान, HC का फैसला बरकार, SC ने खारिज की पनीरसेल्वम की याचिका

Updated at : 23 Feb 2023 1:55 PM (IST)
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पलानीस्वामी ही संभालेंगे AIADMK की कमान, HC का फैसला बरकार, SC ने खारिज की पनीरसेल्वम की याचिका

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय का वह आदेश बरकरार रखा जिसमें ई पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक का अंतरिम महासचिव बने रहने की अनुमति दी गयी थी. न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने 12 जनवरी को मामले पर आदेश सुरक्षित रखा था.

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तमिलनाडु में एआईएडीएमके पार्टी में लंबे समय से जारी विवाद के बाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विराम लग गया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने भी मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी. यानी इस फैसले के बाद AIADMK नेता ई पलानीस्वामी अन्नाद्रमुक के अंतरिम महासचिव बने रहेंगे. वही, एडप्पादी के पलानीस्वामी (EPS) गुट के समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जमकर जश्न मनाया. सुप्रीम कोर्ट ने एडप्पादी के पलानीस्वामी को AIADMK के अंतरिम जनरल सेकेट्री बनाए रखने के फैसले को बरकरार रखा है.

बरकरार रहा हाईकोर्ट का आदेश: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय का वह आदेश बरकरार रखा जिसमें ई पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक का अंतरिम महासचिव बने रहने की अनुमति दी गयी थी. न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने 12 जनवरी को मामले पर आदेश सुरक्षित रखा था. शीर्ष न्यायालय ने ओ. पनीरसेल्वम द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया.

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समर्थकों ने मनाया जश्न: अन्नाद्रमुक के मुख्यालय एमजीआर मालीगई में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पलानीस्वामी के समर्थकों ने पटाखे जलाए और पार्टी के अंतरिम महासचिव की तस्वीर पर दूध चढ़ाया. अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने महाभारत के संदर्भ में कहा कि पांडवों और कौरवों के बीच लड़ाई में पांडवों की जीत हुई. उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक भी बताया. वहीं, पनीरसेल्वम के राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछे जाने पर अजय कुमार ने ‘शून्य’ का इशारा किया.

गौरतलब है कि अन्नाद्रमुक की 11 जुलाई 2022 को आम परिषद की बैठक में पलानीस्वामी को नेता चुना गया था जबकि उनके विरोधी ओ पनीरसेल्वम तथा कुछ सहायकों को निष्कासित कर दिया गया था. सेलम के प्रभावशाली नेता पलानीस्वामी के समर्थकों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया. बता दें, यह फैसला अन्नाद्रमुक की 11 जनवरी 2022 को आम परिषद की बैठक के दौरान पार्टी के उपनियमों में किए गए संशोधन से जुड़ी याचिकाओं पर आया. 

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