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पाकिस्तान ने 26/11 के मुख्य साजिशकर्ता का नाम छोड़ दिया, भारत के सबूत सच साबित हुए : विदेश मंत्रालय

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्त
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्त
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भारत ने पाकिस्तान को मुंबई हमले में पर उचित कार्रवाई करने और आतंकियों का संरक्षण ना करने करने की चेतावनी दी है. भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की ताजा सूची को खारिज कर दिया और कहा कि इसमें मुख्य साजिशकर्ता को शामिल ही नहीं किया गया .

विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकियों पर कार्रवाई करें. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि मुंबई आतंकवादी हमलों की सुनवाई में अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करने में वह अपनी "उलझाऊ और देर करने की रणनीति" को छोड़ दे .

उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के बारे में पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों को देखा है जिसमें 26-11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल कई पाकिस्तानी नागरिकों की सूची में मुख्य साजिश कर्ताओं का हाथ नहीं है. इसमे लश्कर-ए-तैयबा के कुछ चुनिंदा सदस्य शामिल हैं, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी इकाई घोषित किया है, इसमें 26-11 हमले को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गयी नौकाओं के चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं.

पाकिस्तान ने इसमें प्रमुख साजिशकर्ता का नाम छोड़ दिया है. खबरों के मुताबिक कुल 19 आतंकवादियों के नाम लिए गए हैं जो हमले में शामिल थे. श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह वास्तविकता है कि पाकिस्तान की भूमि से 26-11 के आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी, उसे अंजाम दिया गया था... इस सूची से यह साफ होता है कि पाकिस्तान को मुंबई आतंकवादी हमले के पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं और उनके सहयोगियों के बारे में आवश्यक जानकारी और सबूत है.”

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमले में 28 विदेशियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे. उन्होंने कहा, "भारत की सरकार ने बार बार पाकिस्तान की सरकार से आह्वान किया है कि मुंबई आतंकवादी हमलों के मुकदमे में अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करने में वह अपनी उलझाऊ और देर करने की रणनीति छोड़ दे.'' श्रीवास्तव ने कहा कि कई अन्य देशों ने भी पाकिस्तान से आतंकी हमलों के अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय की जद में लाने का आह्वान किया है.

उन्होंने कहा, "यह गंभीर चिंता का विषय है कि सार्वजनिक रूप से अपनी स्वीकारोक्ति के साथ-साथ भारत द्वारा साझा किए गए सभी आवश्यक सबूतों की उपलब्धता के बावजूद पाकिस्तान ने 15 देशों के 166 पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में ईमानदारी नहीं दिखायी है. जबकि हम 26-11 हमलों की 12 वीं बरसी के करीब हैं.''

पाकिस्तान के पेशावर में 82 वर्षीय एक अहमदी व्यक्ति की हत्या से संबंधित रिपोर्टों के बारे में एक अलग सवाल का जवाब देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि यह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का दुखद प्रतिबिंब है. उन्होंने कहा कि भारत अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण के मुद्दों को लगातार पाकिस्तान की सरकार के साथ उठाता रहा है

Posted By - Pankaj Kumar Pathak

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