OTT Ban : ओटीटी पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त

Edited by Amitabh Kumar
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सुप्रीम कोर्ट

OTT Ban : ओटीटी, सोशल मीडिया प्लेटफार्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है. कोर्ट ने मामले पर केंद्र से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट में दी गई याचिका में कहा गया कि यदि अश्लील सामग्री के अनियंत्रित प्रसारण पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सामाजिक मूल्यों, मानसिक स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा के संदर्भ में गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

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OTT Ban : सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अश्लील सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ओटीटी, सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाने संबंधी याचिका बड़ी चिंता को उठाती है. कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आपको इस बारे में कुछ करना चाहिए.

ओटीटी, सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र ने सुप्रीम  कोर्ट से कहा कि कुछ नियमन अस्तित्व में हैं तथा कुछ और विचाराधीन हैं. याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह या तो कार्यपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आरोप लगाए गए हैं कि हम कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहे हैं.

याचिका में ओटीटी को लेकर क्या की गई थी मांग?

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें केंद्र को ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) और सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया. याचिका में आग्रह किया गया है कि इन प्लेटफार्म पर अश्लील सामग्री का प्रसारण प्रतिबंधित करने के लिए राष्ट्रीय सामग्री नियंत्रण प्राधिकरण का गठन करने के दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए. याचिका को न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए रखा गया था.

अश्लील सामग्री को लेकर क्या कहा गया याचिका में

याचिका में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे पेज और प्रोफाइल सक्रिय हैं जो बिना किसी नियंत्रण के अश्लील सामग्री प्रसारित कर रहे हैं. इसके अलावा, विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी ऐसी सामग्री उपलब्ध है जिसमें बाल पोर्नोग्राफी के संभावित तत्व पाए जाते हैं. याचिका में कहा गया कि इस तरह की यौन विकृत सामग्री युवाओं, बच्चों और यहां तक कि वयस्कों के दिमाग को भी दूषित कर रही है. इससे विकृत और अप्राकृतिक यौन प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिसके चलते अपराध दर में भी बढ़ोतरी हो रही है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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