Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर पर सेना ने दी पूरी जानकारी, देखें प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें

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DGMO Lieutenant General Rajiv Ghai

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Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर सहमति के बाद तीनों सेना के प्रमुखों ने रविवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत के एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. आइये प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातों को जानें.

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Operation Sindoor: प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल एके भारती ने कहा, ” क्या हम आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के अपने उद्देश्य में सफल हो पाए हैं? और इसका उत्तर ‘हां’ है और परिणाम पूरी दुनिया के सामने है.” वहीं वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, “इस बार अगर पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई करने की हिम्मत की तो वो अच्छी तरह जानता है कि हम क्या करने जा रहे हैं.”

भारत के हमले में पाकिस्तान के एयर बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर तबाह

एयर मार्शल एके भारती ने कहा, “यह निर्णय लिया गया कि जहां चोट पहुंचे, वहां हमला किया जाए और इस दिशा में एक त्वरित, समन्वित, सुनियोजित हमले में हमने पूरे पश्चिमी मोर्चे पर इसके एयर बेस, कमांड सेंटरों, सैन्य बुनियादी ढांचे, एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया. हमने जिन ठिकानों पर हमला किया, उनमें चकलाला, रफीक, रहीम यार खान शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि आक्रामकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद पर हमले किए गए…हमारे पास इन ठिकानों और अन्य जगहों पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की क्षमता है.”

ऑपरेशन सिन्दूर का उद्देश्य

आतंकवादियों के आकाओं और योजना बनाने वालों को मारना था.
इसका उद्देश्य सीमा पार आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना.

खुफिया जानकारी और लक्ष्य चयन:

आतंकवादी ठिकानों का माइक्रोस्कोपिक स्कैन किया गया.
अनेक आतंकवादी शिविरों और ट्रेनिंग कैंप की पहचान की गई.
केवल आतंकवादी ठिकानों को ही नष्ट किया जाना था, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे.

फाइनल टारगेट

खुफिया एजेंसियों की जानकारी के आधार पर 9 आतंकवादी ठिकानें ध्वस्त.
प्रमुख लक्ष्य:
भवालपुर (आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर)
मुरीदके (एक अन्य प्रमुख आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप)

एयर स्ट्राइक के परिणाम

ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गये.
पाकिस्तान के 11 एयर बेस तबाह.
पाकिस्तान की घुसपैठ के जवाब में भारतीय सेना ने भारी क्षति पहुंचाई.
30 से 40 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए.
लाहौर का रडार सिस्टम तबाह.

भारतीय हमले में टॉप आतंकवादी मारे गए

यूसुफ अजहर
अब्दुल मलिक रऊफ
मुदस्सिर अहमद
ये लोग आईसी-814 अपहरण और पुलवामा विस्फोट से जुड़े थे.

सीसीएस द्वारा उठाए गए कदम:

इस हमले के जवाब में, इस आतंकवादी हमले की गंभीरता को समझते हुए, सीसीएस ने निम्नलिखित उपाय करने का निर्णय लिया:

1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन त्याग नहीं देता.

चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा. जो लोग वैध वीजा के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 01 मई 2025 से पहले उस मार्ग से वापस आ सकते हैं.

पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) वीजा के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सेना सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है.

उच्चायोगों की कुल संख्या को वर्तमान 55 से घटाकर 30 किया जाएगा, जो 01 मई 2025 तक और अधिक कटौती के माध्यम से किया जाएगा.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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