दिल्ली के UPSC अभ्यर्थी हत्याकांड : 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल; CCTV, DNA और फिंगरप्रिंट बने सबूत
दिल्ली के UPSC अभ्यर्थी हत्याकांड के आरोपी राहुल कुमार मीणा ( स्रोत- एएनआई )
Murder of UPSC aspirant in Delhi : दिल्ली में एक UPSC अभ्यर्थी की निर्मम हत्या, दुष्कर्म और लूट के मामले में पुलिस ने 973 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में पेश की है. इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए थे. चार्जशीट में CCTV फुटेज, DNA और फिंगरप्रिंट जैसे ठोस सबूत शामिल हैं.
Murder of UPSC aspirant in Delhi : दिल्ली पुलिस ने IRS अधिकारी (Indian Revenue Service) की बेटी और UPSC अभ्यर्थी के साथ कथित दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में 973 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह मामला 22 अप्रैल को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के कैलाश हिल्स इलाके में सामने आया था. घटना ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. इन फुटेज के आधार पर आरोपी राहुल कुमार मीणा (23 ) की गतिविधियों का पता लगाया गया. पुलिस ने वारदात वाले दिन ही उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से लूटा गया पूरा सामान भी बरामद करने का दावा किया.
DNA और फिंगरप्रिंट बने अहम सबूत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) और एफएसएल रोहिणी की टीमों ने घटनास्थल की गहन जांच की. मौके से मिले फिंगरप्रिंट और हथेली के निशान आरोपी से मेल खाए. इसके अलावा DNA प्रोफाइलिंग में भी आरोपी का डीएनए घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्यों से मेल खाने की पुष्टि हुई, जिससे जांच को मजबूत आधार मिला.
देश के कई राज्यों तक फैली जांच
इस चर्चित मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमें बनाई गईं. पुलिस ने आसपास के लोगों, सुरक्षा गार्ड, घरेलू सहायकों, ड्राइवरों और अन्य लोगों से पूछताछ की. इसके साथ ही राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जाकर साक्ष्य जुटाए गए. आरोपी राहुल कुमार मीणा की गिरफ्तारी के बाद क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन (CSR) भी कराया गया और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए चाल-ढाल का विश्लेषण किया गया.
82 गवाहों के साथ अदालत पहुंची चार्जशीट
जांच के दौरान पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत बयान दर्ज किए और कुल 82 गवाहों को अभियोजन पक्ष का हिस्सा बनाया. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 16 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने 973 पन्नों की चार्जशीट सक्षम अदालत में दाखिल कर दी. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य अहम भूमिका निभाएंगे.
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