ePaper

जब सो रहा था पाकिस्तान, आतंकियों के ठिकाने गिरा रहा था हिंदुस्तान

Updated at : 07 May 2025 6:30 AM (IST)
विज्ञापन
operation sindoor

operation sindoor

Operation Sindoor: भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर अंदर 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. पीएम मोदी और एनएसए अजित डोभाल ने पल-पल की निगरानी की. लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने प्रमुख निशाने पर थे.

विज्ञापन

Operation Sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से करीब 15 दिनों तक इंतजार करने के बाद मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने रात करीब दो बजे के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए. सबसे बड़ी बात यह है कि जब पूरा पाकिस्तान आधी रात को सो रहा था, तब भारतीय सेना ने अपने मिसाइल से पाकिस्तानी बॉर्डर से करीब 100 किलोमीटर अंदर तक हमला किया.

तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को दिया अंजाम

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि भारतीय सेना की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सफलतापूर्वक निशाना बनाए गए 9 ठिकानों में से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं. पाकिस्तान में स्थित ठिकानों में मुजफ्फराबाद, कोटली, सियाल कोट, चाक अमरू, भिंबर, मुरीदके, बहावलपुर और गुलपुर शामिल हैं. आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए विशेष सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया. तीनों सेनाओं ने संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा नियंत्रण रेखा के निकट पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक निशाना साधा गया.

लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर निशाना

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय सेना ने भारत में आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करने में उनकी भूमिका के लिए जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के इरादे से हमलों के लिए स्थान का चयन किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलों में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की तीनों सेनाओं की सटीक हमला करने वाली हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया. इसमें लोइटरिंग हथियार भी शामिल थे.

भारत की सरजमीं से किए गए हमले

पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों पर हमलों के निर्देशांक खुफिया एजेंसियों की ओर से मुहैया कराए गए थे. हमले भारतीय धरती से ही किए गए. भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई. ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई ठिकानों पर हमले भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा सटीक हमला करने वाले हथियारों का इस्तेमाल करके एक संयुक्त अभियान था.

प्रधानमंत्री बनाए हुए थे नजर

भारतीय सेना के तीनों अंगों की ओर से मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत हवाई हमलों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नजर बनाए हुए थे. खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसएस) अजित डोभाल पूरे ऑपरेशन सिंदूर के पल-पल की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए थे.

इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor: पीओके में भारतीय सेना का प्रहार, 9 आतंकी ठिकाने तबाह! राजनाथ सिंह ने की सेना की तारीफ

पीओके पर भारत का कब्जा जरूरी: प्रफुल्ल बख्शी

रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर कहा, “एयरफोर्स ने करके दिखाया. आतंकियों के 9 ठिकानों पर स्ट्राइक की है. यह एयर और आर्टिलरी की मिक्स स्ट्राइक है. पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा और पाकिस्तान ने कहानियां बनानी शुरू कर दी होंगी. अब खेल शुरू हो गया है, अब यह अंत तक ही जाएगा. हमें एक बात याद रखनी होगी कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर लेने के लिए हमला ही एकमात्र उपाय नहीं है. हमें धीरे-धीरे उस पर कब्जा करना शुरू करना होगा.”

इसे भी पढ़ें: रात के ठीक 2 बजे पाकिस्तान में सूर्योदय, उसके बाद ब्लैक आउट, 200 आतंकी हलाक

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola