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कोरोना वैक्सीन के कारण देश में अबतक हुई एक व्यक्ति की मौत, सरकारी पैनल ने की पुष्टि

Updated at : 15 Jun 2021 4:22 PM (IST)
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कोरोना वैक्सीन के कारण देश में अबतक हुई एक व्यक्ति की मौत, सरकारी पैनल ने की पुष्टि

कोरोना वैक्सीन के साइड इफैक्ट के बारे में अध्ययन करने वाली सरकार की एक पैनल ने यह कंफर्म किया है कि देश में एक 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस का वैक्सीन लेने से हुई है. यह खबर इंडिया टुडे ने प्रकाशित की है.

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कोरोना वैक्सीन के साइड इफैक्ट के बारे में अध्ययन करने वाली सरकार की एक पैनल ने यह कंफर्म किया है कि देश में एक 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस का वैक्सीन लेने से हुई है. यह खबर इंडिया टुडे ने प्रकाशित की है.

पैनल ने यह बताया कि उस 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत एनाफिलैक्सिस ( anaphylaxis) से हुई है. इस बीमारी में मरीज को जानलेवा एलर्जिक रियेएक्शन होता है, जिससे व्यक्ति की जान चली जाती है. उक्त व्यक्ति को इसी तरह का रियेक्शन तब हुआ जब उसने कोरोना का वैक्सीन लिया था.

इंडिया टुडे टीवी ने वैक्सीन के साइड इफैक्ट का अध्ययन करने वाले पैनल के बाद एईएफआई (गंभीर प्रतिकूल घटनाओं) की रिपोर्ट देखी. इसके अनुसार कोविड -19 के खिलाफ टीकाकरण के बाद 31 गंभीर प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्ट आयी लेकिन इनमें से सिर्फ एक केस में मौत कोरोना वैक्सीन के कारण हुई.

सरकारी पैनल ने कहा कि एक व्यक्ति की मौत एनाफिलैक्सिस से हुई. इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए, एईएफआई के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कोविड -19 टीकाकरण के बाद एक मौत की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने आगे कुछ भी इस बारे में बताने से मना कर दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस व्यक्ति की मौत हुई उस 68 वर्षीय व्यक्ति ने 8 मार्च, 2021 को टीका लगाया था और एनाफिलैक्सिस के कारण उनकी मौत हो गयी.

एईएफआई के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा, यह पहली मौत है जो हमने देखी है जिसमें जांच के बाद मौत का कारण टीकाकरण के बाद एनाफिलैक्सिस पाया गया. तीन और मौत वैक्सीन से संबंधित थे लेकिन सरकारी पैनल ने सिर्फ एक मौत का कारण ही वैक्सीन को बताया.

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पैनल ने 31 मौतों का आकलन किया जिनमें से 18 का संबंध वैक्सीनेशन से नहीं होना बताया गया. सात मामले को अनिश्चित बताया गया और दो मामलों को अवर्गीकृत पाया गया. अवर्गीकृत में ऐसे केस शामिल होते हैं जिनकी जांच हुई लेकिन महत्वपूर्ण जानकरी गायब होने के कारण उस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल था.

Posted By : Rajneesh Anand

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