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अब यूपीए जैसा कुछ नहीं, शरद पवार, संजय राउत से मिलने के बाद बोलीं ममता बनर्जी

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि अब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) जैसा कुछ भी नहीं है. सभी दलों को साथ आकर बीजेपी के खिलाफ संघर्ष करना होगा.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
महाराष्ट्र के दौरे पर हैं टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी
महाराष्ट्र के दौरे पर हैं टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी
PTI

मुंबई: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर खुद को नेता स्थापित करने में जुट गयीं हैं. कांग्रेस और उसके नेताओं सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को दरकिनार कर टीएमसी नेता विपक्ष का सर्वमान्य चेहरा बनना चाहती हैं. इसलिए उन्होंने महाराष्ट्र के बड़े नेताओं के साथ बुधवार को मुलाकात की.

मराठा छत्रप और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो शरद पवार, शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे, जो महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में मंत्री भी हैं, से मुलाकात की. महाराष्ट्र के इन नेताओं से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यूपीए जैसा अब कुछ नहीं है.

  • महाराष्ट्र के दौरे पर हैं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी

  • शिव सेना और एनसीपी के नेताओं से मिलीं बंगाल की मुख्यमंत्री

  • ममता बनर्जी की टीएमसी ने बीजेपी को बंगाल में दी थी शिकस्त

ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ सभी को मिलकर लड़ना होगा. इसके लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा. तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि अब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) जैसा कुछ भी नहीं है. सभी दलों को साथ आकर बीजेपी के खिलाफ संघर्ष करना होगा. इस तानाशाह सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ाई जरूरी है.

ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा कि यदि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना है, तो न केवल विपक्षी दलों को साथ आना होगा, बल्कि जमीन पर रहकर लड़ाई लड़नी होगी.

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने मीडिया को बताया कि तृणमूल सुप्रीमो से मुलाकात हुई. मेरे साथ संजय राउत और आदित्य ठाकरे भी थे. ममता बनर्जी से हमारी लंबी बातचीत हुई. उनकी मंशा है कि वर्तमान में जो स्थिति है, उसमें समान विचारधारा वाली पार्टियों को एकजुट होना चाहिए. राष्ट्रीय स्तर पर कलेक्टिव लीडरशिप तैयार करनी होगी, ताकि बीजेपी को हराया जा सके.

श्री पवार ने कहा कि हम वर्तमान सरकार के खिलाफ एक मजबूत नेता को खड़ा करेंगे. हम आज के बारे में नहीं सोच रहे. हम चुनावों की तैयारी कर रहे हैं. एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि इसी उद्देश्य से ममता बनर्जी अलग-अलग दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहीं हैं. हमारे साथ उनकी सकारात्मक बातचीत रही.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमाम कोशिशों के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी. इसके बाद से ही ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ विपक्ष का चेहरा बनने की कोशिशों में जुटी हैं.

बंगाल चुनाव के बाद सोनिया-राहुल से मिलीं थीं ममता

बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद ममता बनर्जी ने दिल्ली का दौरा किया था. उस वक्त उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. लेकिन, इस बार ममता बनर्जी ने दिल्ली में सोनिया गांधी या राहुल गांधी से मुलाकात नहीं की. उल्टे उन्होंने हरियाणा समेत कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं को अपनी पार्टी टीएमसी में शामिल करवा लिया. इसके बाद ही लग रहा था कि ममता बनर्जी कांग्रेस को दरकिनार कर रही हैं.

ममता को मंजूर नहीं कांग्रेस का नेतृत्व!

आज मुंबई में उन्होंने जो बयान दिया, उससे स्पष्ट हो गया है कि ममता बनर्जी को कांग्रेस और उसके नेताओं का नेतृत्व स्वीकार नहीं है. ज्ञात हो कि ममता बनर्जी पहले कांग्रेस में थीं और वर्ष 1996-97 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर अपनी अलग तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था. बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वाम मोर्चा का सफाया हो गया. बीजेपी ने 77 सीटें जीतीं थीं.

Posted By: Mithilesh Jha

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