अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में राहुल गांधी को स्मृति ईरानी का जवाब-मणिपुर ना कभी खंडित था ना होगा
स्मृति ईरानी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस की सरकार के समय हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों और कश्मीर में अशांति के मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग कश्मीर का सच बयां करने वाली फिल्म को एजेंडा बता रहे हैं.
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी के बयान का जवाब दिया. स्मृति ईराने ने अपने जवाब में राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि मणिपुर ना खंडित था ना होगा, वह भारत का अभिन्न अंग है. स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी भारत माता की हत्या की बात कर रहे थे और कांग्रेस के लोग यहां मेज थपथपा रहे थे, संसदीय इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ.
स्मृति ईरानी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस की सरकार के समय हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों और कश्मीर में अशांति के मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग कश्मीर का सच बयां करने वाली फिल्म को एजेंडा बता रहे हैं. स्मृति ईरानी ने कहा कि आज जो कांग्रेस मणिपुर का मुद्दा उठा रही है, उन्हें 1984 का सिख विरोधी दंगा याद है क्या? स्मृति ईरानी ने कुछ घटनाओं का जिक्र किया कि किस तरह महिलाओं के साथ हिंसा हुई और उनके साथ दुष्कर्म हुआ. छोटे-छोटे बच्चों को मारा गया.
राहुल गांधी के संबोधन के बाद स्मृति ईरानी ने चर्चा में हिस्सा लिया, लेकिन राहुल गांधी उनके संबोधन के समय सदन से चले गये. इसपर स्मृति ईरानी ने कहा कि वे जवाब नहीं दे सकते इसलिए भाग गये. राजस्थान में एक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप और उसकी हत्या की घटना का स्मृति ईरानी ने जिक्र किया. स्मृति ईरानी ने अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि खुले में शौच की वजह से कई महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुए. हमारी सरकार ने गांव में शौचालय बनवाकर महिलाओं को सुरक्षित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए जनधन खाते खोले गये और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया. खेल में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की चर्चा की और उनके द्वारा लाये पदकों की संख्या बताकर कांग्रेस से कहा कि वे भारत माता के बच्चों की उपलब्धियों पर तो ताली बजायें. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस कश्मीर की सच्चाई बयान करने वाली फिल्म को एजेंडा बताया है.
स्मृति ईरानी से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में भारत माता की हत्या की गई है और ऐसा करने वाले लोग ‘देशद्रोही’ हैं. उन्होंने लोकसभा में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मणिपुर का दौरा नहीं करने को लेकर उन पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री इस राज्य को हिंदुस्तान का हिस्सा नहीं समझते. सत्तापक्ष के सदस्यों की टोकाटोकी के बीच कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत की आवाज को सुनना है तो अहंकार और नफरत को त्यागना होगा. उन्होंने लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद सदन में यह वक्तव्य दिया और सदस्यता बहाल करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










