National Highway : अब छत्तीसगढ़ से झारखंड पहुंचने में लगेगा और कम वक्त, आई बड़ी खुशखबरी

Edited by Amitabh Kumar
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सांकेतिक तस्वीर

National Highway : छत्तीसगढ़ से झारखंड को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में सुधार किया जाएगा. इससे दोनों राज्यों में आने–जाने वाले लोगों के समय में बचत होगी.

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National Highway : यदि आप अमूमन छत्तीसगढ़ से झारखंड के बीच यात्रा करते हैं तो ये खबर आपके काम की है. जी हां…अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway)में सुधार हो जाने के बाद आपको एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचने में कम वक्त लगेगा. इस पहल से न केवल दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

National Highway की वर्तमान स्थिति

अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग की वर्तमान स्थिति काफी समय से खराब है. सड़क की खराब हालत के कारण यात्रियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे यात्रा समय और सुरक्षा दोनों प्रभावित होते थे. इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस मार्ग के सुधार और चौड़ीकरण के लिए विशेष परियोजना की शुरुआत की है.

परियोजना के बारे में खास बातें

1. अंबिकापुर से लेकर रामानुजगंज तक तीन कंपनियों से अनुबंध की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी.सड़क की लंबाई करीब 110 किलोमीटर है. रूट में रामानुजगंज और बलरामपुर के बीच पेड़ों की कटाई का काम भी शुरू हो चुका है.

2. अंबिकापुर- रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग का नवनिर्माण बाइपास के साथ तीन चरण में पूरा किया जाएगा.

3. कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग को अंबिकापुर – रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का काम किया जाएगा. अंबिकापुर के महावीरपुर से रामानुजगंज मार्ग में रजपुरी खुर्द तक अंबिकापुर बाइपास 13.7 किलोमीटर के लिए 144 करोड रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है.

4. रजपुरी खुर्द से पाढ़ी तक 49 किलोमीटर के लिए 397 करोड़ जबकि बड़कीम्हरी से रामानुजगंज तक 29.4 किलोमीटर के लिए 199.005 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है.

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परियोजना पूरे होने के बाद बदलेगी स्थिति

  1. सड़क का चौड़ीकरण: मार्ग को दो लेन से चार लेन में विस्तारित किया जाएगा. इससे यातायात की क्षमता में वृद्धि होगी. जाम की समस्या कम होगी.
  2. सुरक्षा उपाय : सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन करते हुए, आवश्यक संकेतक, स्पीड ब्रेकर, और डिवाइडर लगाए जाएंगे. ऐसा इसलिए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके.
  3. पुलों और पुलियों का निर्माण: नदियों और नालों पर नए पुलों का निर्माण किया जाएगा. इससे मानसून के दौरान भी यातायात बाधित न हो.
  4. रोड साइड सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा के लिए विश्राम स्थल, शौचालय, और फूड कोर्ट जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा.

परियोजना का क्या पड़ेगा प्रभाव?

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी. कृषि उत्पादों का परिवहन सुगम होगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होंगे. साथ ही, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बेहतर सड़कें अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेंगी. स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.

परियोजना की समयसीमा और बजट

परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए विशेष प्रबंधन टीम का गठन किया गया है. बजट का उचित आवंटन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई है, ताकि कार्यों में कोई विलंब न हो. सरकार की प्राथमिकता है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का विकास शीघ्रता से हो, जिससे जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके.

छत्तीसगढ़ से झारखंड के लिए दो प्रमुख सड़क हैं वर्तमान में

छत्तीसगढ़ से झारखंड को जोड़ने के लिए दो प्रमुख सड़क वर्तमान में है. इनमें एक सड़क छत्तीसगढ़ की अंबिकापुर – रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग से झारखंड के गढ़वा को जोड़ती है. वहीं एक और सड़क जशपुर होकर है. यह सड़क गुमला होते हुए रांची को जोड़ती है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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