Nasal Covid Vaccine, कोवैक्सीन इंजेक्शन से कितना दमदार होगा यह टीका, दर्द-चूभन से मिलेगा छुटकारा?

Nasal Covid Vaccine given directly in nose: कोरोना के फिर से बढ़ते खतरे के बीच नाक में दी जाने वाली वैक्सीन की सिफारिश की गई है. जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जायेगी. क्या है ये वैक्सीन, नाक में कैसे दी जायेगा, दर्द होगा या नहीं? डिटेल जानने के लिए आगे पढ़ें.
Nasal Covid Vaccine: कोरोना वायरस के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन BF.7 के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ चुका है. कोरोना सेफ्टी गाइडलाइन जारी किये जा चुके हैं. इस बीच कोविड से बचने के लिए नाक के टीके के Incovacc के इस्तेमाल की सिफारिश की गई है. इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ही है. क्या आप जानते हैं Nasal Vaccine क्या है और इसे देने का प्रोसेस क्या है. यह कैसे काम करता है. इससे पहले काेरानावायरस, ओमिक्रॉन के अलग-अलग वैरिएंट के लिए दिये जाने वाले भारत बोयोटेक के कोवैक्सीन टीके से यह नाक का टीका कितना दमदार होगा? दर्द से छुटकारा मिलेगा या नहीं जानें.
Nasal Vaccine नाक से लगाई जाती है. इन्हें इंट्रानेजल वैक्सीन कहा जाता है. ये टीके लिक्विड होते हैं, जिन्हें स्प्रे के रूप में या ड्रॉपर या सिरिंज से दिया जा सकता है. सबसे आम नाक का टीका FluMist है, यह इन्फ्लूएंजा से बचाने के लिए दी जाती है.
यह एक नाक का टीका है, इसलिए इस नए टीके से टीका लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है. यानी इसके लिए कोई इंजेक्शन की सूई नहीं चूभाई जायेगी, आपकी नाक में बस एक बूंद डाली जायेगी और आप सुरक्षित हो जायेंगे.
फ्लू या कोरोनावायरस से बचाव के लिए इंट्रानेजल टीके सबसे उपयुक्त हैं. ये टीके इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक टीके की मदद से किसी व्यक्ति के वायुजनित वायरस (airborne virus) के संपर्क में आने पर यह पता चलता है कि बीमारी कितनी गंभीर है.
टीकाकरण पर भारत की तकनीकी विशेषज्ञ समिति ने वयस्कों के लिए बूस्टर के रूप में कोविड -19 के खिलाफ भारत बायोटेक के Incovacc नाक के टीके के उपयोग की सिफारिश की है.
कोविड-19 वायरस आमतौर पर नाक के जरिए शरीर में घुसता है और नाक के पीछे और गले में म्यूकस मेम्ब्रेन में चिपक जाता है. वायरस उसके बाद सेल में चला जाता है और फिर फैलने लगता है. हमारे mucosal immune system के सेल ही वायरस के हमले की पहचान करते हैं.
जिसने टीका नहीं लिया है, उस व्यक्ति में इन प्रतिरक्षा सेल को कोरोनवायरस का मुकाबला करने के लिए सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया बनाने में लगभग दो सप्ताह लग जाते हैं. उस समय तक वायरस आसानी से फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों को संक्रमित कर लेता है, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.
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लेखक के बारे में
By Anita Tanvi
Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.
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