Mustard Oil : त्योहार के मौसम में सरसो तेल हुआ सस्ता, यहां जानें अन्य तेल की कीमत

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Oct 2025 10:49 AM

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सरसो तेल की कीमत (Photo: AI)

Mustard Oil : सट्टेबाजी और बिचौलियों की वजह से पाम-पामोलीन तेल के दाम बढ़ गए. जबकि जाड़े में इसकी मांग कम होती है, इसके बावजूद पाम-पामोलीन जैसे भारी तेल के दाम सोयाबीन जैसे नरम तेल से भी ज्यादा हैं. जानें सरसो तेल की कीमत के बारे में यहां.

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Mustard Oil : बीते सप्ताह तेल और तिलहन बाजार में मांग बढ़ी, जिससे मूंगफली तेल और पाम-पाल्मोलिन के दाम मजबूत नजर आए. इसमें संभावित सट्टेबाजी भी एक कारण रही. दूसरी ओर, हाई रेट के कारण सरसों तेल, डी-आयल्ड केक (DOC) की निर्यात मांग कमजोर रही, जिससे सोयाबीन तिलहन की आवक बढ़ी और बिनौला तेल के दाम गिरकर बंद हुए. त्योहारी मांग के कारण सोयाबीन तेल के दाम दिल्ली में थोड़े बढ़ गए. कुल मिलाकर, बाजार में दामों में उछाल और गिरावट दोनों देखी गई, जबकि त्योहारी खरीद ने कुछ हद तक सुधार लाया.

बाजार में स्टॉक अधिक और मांग कम

बाजार सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जो खबर दी है उसके अनुसार, बीते सप्ताह सरसों के दाम गिरकर बंद हुए. हालाँकि, सरसों के दाम अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर हैं. सरकार, स्टॉकिस्ट और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरसों के ऊंचे दामों के कारण इस त्योहारी मौसम में मांग अपेक्षा के अनुसार नहीं दिख रही. सामान्य तौर पर इस समय देश में रिफाइंड तेल की मांग अधिक रहती है, लेकिन मांग कमजोर होने से बीते सप्ताह सरसों तेल और तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई. कुल मिलाकर, बाजार में स्टॉक अधिक और मांग कम होने के कारण दाम नीचे आए.

सूरजमुखी, सोयाबीन, मूंगफली को लेकर भी जानें ये बात

सूत्रों के अनुसार, नई तिलहन फसल का बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू हो चुका है, लेकिन सूरजमुखी, सोयाबीन, मूंगफली, कपास जैसी फसलों के वर्तमान दाम अभी भी MSP से काफी नीचे हैं. विशेष रूप से सोयाबीन से तेल बहुत कम निकलता है, जबकि इसका असली लाभ इससे निकलने वाले लगभग 82 प्रतिशत डीओसी (डी-आयल्ड केक) से होता है. डीओसी की मांग देश या विदेश में होने पर ही किसानों को फायदा मिलेगा. लेकिन डीओसी की कमजोर मांग के कारण बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई.

मूंगफली के हाजिर दाम एमएसपी से 15-18 प्रतिशत नीचे

त्योहारों की मांग की वजह से सोयाबीन दिल्ली तेल के दाम में मामूली सुधार रहा जबकि सोयाबीन इंदौर और आयात होने वाले सोयाबीन डीगम तेल के दाम स्थिर बने रहे. सूत्रों ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में अच्छी गुणवत्ता वाले मूंगफली के साथ-साथ मूंगफली तेल की मांग बढ़ी है. इस वजह से बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सुधार आया. लेकिन वास्तविकता यह है कि मूंगफली के हाजिर दाम एमएसपी से 15-18 प्रतिशत नीचे चल रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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