Lockdown 2.0 : प्रवासी मजदूरों को लेकर राजनीति तेज, आदित्य ठाकरे ने केंद्र पर लगाया गंभीर आरोप
Author : ArbindKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Apr 2020 10:36 PM
Mumbai: Migrant workers gather outside Bandra West Railway Station as they defy lockdown norms and request to leave for their native places after Prime Minister Narendra Modi had announced the extension of nationwide lockdown till May 3 in the wake of coronavirus pandemic, in Mumbai, Tuesday, April 14, 2020. Migrant workers were hoping to get back home as they expected the lockdown to end on Tuesday. (PTI Photo)(PTI14-04-2020_000246B)
मुंबई में राष्ट्रव्यापी बंद (Coronavirus worldwide) के दौरान अपने घर जाने के लिये प्रवासी कामगारों द्वारा किये गए प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र में मंगलवार को सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई.
मुंबई : मुंबई में राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान अपने घर जाने के लिये प्रवासी कामगारों द्वारा किये गए प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र में मंगलवार को सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई.
मुंबई में दिहाड़ी मजदूरी पर काम करने वाले सैकड़ों प्रवासी कामगार वापस अपने पैतृक स्थान पर भेजे जाने के लिये मंगलवार को परिवहन इंतजाम करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए. हाल ही में गुजरात के सूरत में भी प्रवासी कामगारों ने ऐसा प्रदर्शन किया था.
प्रधानमंत्री की बंद की अवधि बढ़ाकर तीन मई किये जाने की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आने वाले करीब एक हजार कामगार बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास एक बस डिपो पर प्रदर्शन करने लगे. इस प्रदर्शन के बाद शिवसेना और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई.
महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस प्रदर्शन के लिये केंद्र पर आरोप लगाया और इन कामगारों के पैतृक स्थान जाने के लिये एक विस्तृत रूपरेखा पेश किए जाने की मांग की. ठाकरे ने ट्वीट कर कहा, बांद्रा में मौजूदा स्थिति जिसे अब सुलझा लिया गया या सूरत में हुआ उपद्रव केंद्र सरकार द्वारा इन प्रवासी कामगारों को वापस उनके गृह स्थान भेजे जाने के बारे में कोई फैसला नहीं ले पाने का नतीजा है.
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गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि प्रवासी कामगारों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री राज्यों की सीमाओं को फिर से खोलेंगे. देशमुख ने कहा कि प्रवासी कामगारों को आश्वासन दिया गया कि राज्य सरकार उनके खाने और रहने का इंतजाम करेगी जिसके बाद वे वापस चले गए. भाजपा नेता और पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि यह प्रदर्शन बंद का लागू कराने में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस सरकार की विफलता को दर्शाता है.
शेलार ने कहा कि यह सभी कामगार बांद्रा (ईस्ट), बांद्रा (वेस्ट), खार और आसपास के अन्य इलाकों के थे. बंद की स्थिति के दौरान वे प्रदर्शन स्थल पर कैसे पहुंचे? सरकार को लोगों के इकट्ठा होने के बारे में कोई खुफिया सूचना क्यों नहीं थी. यह सरकार की विफलता दर्शाता है.
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उन्होंने कहा कि बंद को सफल बनाना चाहिए क्योंकि यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है, जिन्हें खाना और दूसरे जरूरी सामान उनके घरों तक पहुंचाये जाने चाहिएः अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा ने कहा, ये सभी स्थानीय नागरिक थे. बड़ी संख्या में लोग इस इलाके (बांद्रा) में रहते हैं, अभी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है.
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने भी प्रदर्शन को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, यह बेहद गंभीर मामला है. उद्धव ठाकरे सरकार कोरोना वायरस महामारी से निपटने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को जरूरी सामान के वितरण के लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए. सोमैया ने कहा, उम्मीद है कि ठाकरे सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आंख खोलने वाला मानेगी.
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स्थानीय कांग्रेसी विधायक जीशान सिद्दिकी ने कहा कि यह स्थिति तब बनी जब लोगों को बंद की अवधि बढ़ाए जाने के बारे में पता चला. उन्होंने कहा, यह सरकार की विफलता नहीं है, हम शुरू से ही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. बांद्रा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि जब कामगार शुरू में मौके पर जुटे थे तो पुलिसवालों ने उन्हें खाने के पैकेट बांटे थे. उन्होंने कहा, लेकिन कुछ समय बाद उनकी संख्या बढ़ गई और वे खाने के पैकेट छीनने लगे, सबकुछ नियंत्रण में है, लाठीचार्ड कर भीड़ कोवहां से हटा दिया गया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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