MNREGA Bachao Sangram: 8 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी मनरेगा बचाओ संग्राम, जी राम जी को कोर्ट में देगी चुनौती
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 03 Jan 2026 4:15 PM
केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश, फोटो पीटीआई
MNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस 8 जनवरी से मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत करेगी. जिसके तहत ग्राम स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई कार्यक्रम करने के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में चार बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी.
MNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, इस संग्राम का मकसद यह है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) बहाल हो और नए कानून को वापस लिया जाए. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी का यह अभियान 25 फरवरी तक जारी रहेगा.
जी राम जी कानून को कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस
कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम के साथ-साथ नये कानून जी राम जी को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, मनरेगा बचाओ संग्राम दिल्ली केंद्रित नहीं, बल्कि पंचायत, प्रखंड और जिला केंद्रित है. उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी. रमेश ने आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर बनाए गए विकसित ‘भारत-जी राम जी अधिनियम’ के तहत सिर्फ विनाश भारत और योजना के केंद्रीकरण की गारंटी दी गई है.
कोविड के समय मनरेगा एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर सामने आया : वेणुगोपाल
वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि नया कानून इस तरह से बनाया गया है ताकि मनरेगा को खत्म किया जा सके. वेणुगोपाल ने कहा कि कोविड और कई दूसरे संकटों के समय मनरेगा एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर सामने आया था. उनके मुताबिक, ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के तहत सबकुछ केंद्र सरकार तय करेगी और गांव में रहने वालों को इसकी मार झेलनी पड़ेगी. वेणुगोपाल ने कहा कि नए कानून के तहत कार्य दिवस को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने की बात की गई है, लेकिन यह दावा बकवास है क्योंकि केंद्र के हिस्से में धन आवंटन का अनुपात 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है.
कृषि कानूनों की तरह जी राम जी कानून को भी लेना होगा वापस : रमेश
रमेश ने कहा, हमारी सिर्फ यही मांग है कि मनरेगा को वापस लाया जाए और नए कानून को वापस लिया जाए. उन्होंने कहा कि इस संग्राम के साथ दूसरे विपक्षी दलों और समाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा. रमेश ने दावा किया कि इस संग्राम का निष्कर्ष वही होगा जो तीन काले कृषि कानूनों के समय आंदोलन की सफलता के रूप में हुआ था जब सरकार को वो कानून वापस लेने पड़े थे.
18 दिसंबर को भारत जी राम जी विधेयक संसद से हुआ था पास
संसद ने विपक्ष के हंगामे के बीच बीते 18 दिसंबर को ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी थी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद अब यह अधिनियम बन चुका है. यह 20 साल पुराने मनरेगा की जगह लेगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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