MNREGA Bachao Sangram: 8 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी मनरेगा बचाओ संग्राम, जी राम जी को कोर्ट में देगी चुनौती

MNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस 8 जनवरी से मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत करेगी. जिसके तहत ग्राम स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई कार्यक्रम करने के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में चार बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी.
MNREGA Bachao Sangram: कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, इस संग्राम का मकसद यह है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) बहाल हो और नए कानून को वापस लिया जाए. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी का यह अभियान 25 फरवरी तक जारी रहेगा.
जी राम जी कानून को कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस
कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम के साथ-साथ नये कानून जी राम जी को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, मनरेगा बचाओ संग्राम दिल्ली केंद्रित नहीं, बल्कि पंचायत, प्रखंड और जिला केंद्रित है. उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी. रमेश ने आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर बनाए गए विकसित ‘भारत-जी राम जी अधिनियम’ के तहत सिर्फ विनाश भारत और योजना के केंद्रीकरण की गारंटी दी गई है.
कोविड के समय मनरेगा एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर सामने आया : वेणुगोपाल
वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि नया कानून इस तरह से बनाया गया है ताकि मनरेगा को खत्म किया जा सके. वेणुगोपाल ने कहा कि कोविड और कई दूसरे संकटों के समय मनरेगा एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर सामने आया था. उनके मुताबिक, ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के तहत सबकुछ केंद्र सरकार तय करेगी और गांव में रहने वालों को इसकी मार झेलनी पड़ेगी. वेणुगोपाल ने कहा कि नए कानून के तहत कार्य दिवस को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने की बात की गई है, लेकिन यह दावा बकवास है क्योंकि केंद्र के हिस्से में धन आवंटन का अनुपात 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है.
कृषि कानूनों की तरह जी राम जी कानून को भी लेना होगा वापस : रमेश
रमेश ने कहा, हमारी सिर्फ यही मांग है कि मनरेगा को वापस लाया जाए और नए कानून को वापस लिया जाए. उन्होंने कहा कि इस संग्राम के साथ दूसरे विपक्षी दलों और समाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा. रमेश ने दावा किया कि इस संग्राम का निष्कर्ष वही होगा जो तीन काले कृषि कानूनों के समय आंदोलन की सफलता के रूप में हुआ था जब सरकार को वो कानून वापस लेने पड़े थे.
18 दिसंबर को भारत जी राम जी विधेयक संसद से हुआ था पास
संसद ने विपक्ष के हंगामे के बीच बीते 18 दिसंबर को ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी थी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद अब यह अधिनियम बन चुका है. यह 20 साल पुराने मनरेगा की जगह लेगा.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
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