विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, प्रगति और समृद्धि पर नकारात्मक असर डालते हैं आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 08 Nov 2022 5:21 PM
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में रूस के विदेश मंत्री लावरोव के साथ बैठक में उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के हमेशा बने रहने वाले मुद्दे भी हैं, जिनका प्रगति तथा समृद्धि पर नकारात्मक असर होता है.
नई दिल्ली : भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने मंगलवार को मॉस्को में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन हमेशा बने रहने वाले मुद्दे हैं, जिनका प्रगति और समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों के बीच विभिन्न स्तरों पर मजबूत और सतत संपर्क जारी है. हमारी बैठकें हमारे संबंधों का आकलन करने और वैश्विक परिस्थितियों पर एक दूसरे के नजरिये को समझने के लिए है.
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आगे कहा कि जहां तक द्विपक्षीय संबंधों की बात है, तो हमारा उद्देश्य एक समकालीन, संतुलित, परस्पर लाभकारी और दीर्घकालिक साझेदारी के निर्माण का है. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और व्यापार संबंधी मुश्किलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. अब हम यूक्रेन संघर्ष के परिणामों को इस मामले में सर्वोच्च स्थान पर देख रहे हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में रूस के विदेश मंत्री लावरोव के साथ बैठक में उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के हमेशा बने रहने वाले मुद्दे भी हैं, जिनका प्रगति तथा समृद्धि पर नकारात्मक असर होता है. उन्होंने कहा कि हमारी वार्ता में समग्र वैश्विक स्थिति और विशिष्ट क्षेत्रीय चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत और रूस तेजी से बहुध्रुवीय और दोबारा संतुलित होती दुनिया में एक दूसरे के साथ साझेदारी कर रहे हैं. हम दो ऐसी सरकारों के रूप में ऐसा करते हैं, जिनके बीच अत्यंत स्थायी और समय की कसौटी पर खरे संबंध रहे हैं.
Also Read: Jammu Kashmir: आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी, जम्मू-कश्मीर में दो मुठभेड़ में 4 आतंकवादी ढेर
एस जयशंकर ने आगे कहा कि रूस के साथ हमारे महत्वपूर्ण और समय-परीक्षणित संबंध हैं. हम इस संबंध का विस्तार करने और इसे और अधिक टिकाऊ बनाने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं. हमने उन क्षेत्रों पर चर्चा की, जहां दोनों देशों के बीच स्वाभाविक हित हैं. उन्होंने कहा कि हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लक्ष्यों की सर्वोत्तम सेवा के बारे में बात की. अफगानिस्तान के अनेक क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई. हमने चर्चा की कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए अपना समर्थन कैसे जारी रखें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










