Manipur Viral Video: मणिपुर की घटना से गुस्से में अन्ना हजारे, कहा- मौत की सजा दी जाए

Edited by Amitabh Kumar
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Manipur Viral Video: मणिपुर में महिलाओं के साथ क्रूरता का वीडियो वायरल होने के बाद देश के लोग गुस्से में हैं. इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अन्ना हजारे ने कहा कि इस घटना में शामिल अपराधियों को मौत की सजा दी जाए.

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Anna Hazare On Manipur Viral Video : मणिपुर की घटना के बाद पूरे देश के लोग गुस्से में हैं. हर कोई इस घृणित घटना की निंदा कर रहा है और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है. इस बीच मामले में शामिल आरोपियों के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मौत की सजा की मांग की है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल अपराधियों को मौत की सजा दी जाए. ऐसे दरिंदों को फांसी के तख्ते पर लटका देना चाहिए. मणिपुर की घटना मानवता पर धब्बा है.

हरकत बिल्कुल बर्दाश्त करने के लायक नहीं

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि स्त्री हमारी मां है… बहन है. इस तरह की हरकत बिल्कुल बर्दाश्त करने के लायक नहीं है. उन्होंने ऐसे इंसान की पत्नी के साथ दरिंदगी की है जो देश की रक्षा के लिए सीमा पर खड़ा नजर आया है. एक फौजी की पत्नी के साथ ऐसा कृत्य बेहद गंभीर और शर्मनाक है. ये घटना मानवता पर बहुत बड़ा कलंक है.

करगिल युद्ध में हिस्सा ले चुका है पीड़िता का पति

आपको बता दें कि मणिपुर में भीड़ द्वारा निर्वस्त्र कर घुमाई गयी दो महिलाओं में से एक के पति एवं करगिल युद्ध में हिस्सा ले चुके पूर्व सैन्यकर्मी ने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्होंने देश की रक्षा की, लेकिन वह अपनी पत्नी को अपमानित होने से नहीं बचा सके. महिलाओं के साथ चार मई को हुई इस घटना का वीडियो बुधवार को सामने आया जिसके बाद देशभर में गुस्सा है. एक पीड़िता के पति भारतीय सेना की असम रेजिमेंट में सूबेदार के तौर पर सेवा प्रदान कर चुके हैं. पीड़िता के पति ने एक हिंदी समाचार चैनल से बात की और कहा कि मैंने करगिल युद्ध में देश के लिए लड़ाई लड़ी और भारतीय शांति सेना के हिस्से के रूप में श्रीलंका में भी तैनात रहा था. मैंने देश की रक्षा की, लेकिन मैं निराश हूं कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, मैं अपने घर, अपनी पत्नी और साथी ग्रामीणों की रक्षा नहीं कर सका… मैं दुखी और उदास हूं.

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करगिल युद्ध में हिस्सा ले चुके पूर्व सैन्यकर्मी और महिला के पति ने कहा कि चार मई की सुबह एक भीड़ ने इलाके के कई घरों को जला दिया, दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर दिया और उन्हें लोगों के सामने गांव की पगडंडियों पर चलने के लिए मजबूर किया. इस दौरान पुलिस मौजूद थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की. मैं चाहता हूं कि उन सभी लोगों को कड़ी सजा मिले, जिन्होंने घर जलाए और महिलाओं को अपमानित किया.

किशोर सहित कुल 6 गिरफ्तार

इस बीच मणिपुर वायरल वीडियो मामले में मणिपुर पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि आज एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया. अब तक 5 मुख्य आरोपियों और एक किशोर सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए: रामदास आठवले

इधर, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने हिंसा ग्रस्त मणिपुर के कांगपोकपी जिले में चार मई को दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपियों को फांसी देने की शनिवार को मांग की. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में स्थिति को गंभीरता से देख रही है. मणिपुर में विभिन्न समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आठवले ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं.

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पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त

गौर हो कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया. पूर्वोतर राज्य मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि नगा और कुकी समेत आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है, जो पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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