Manipur Violence: जांच समिति ने राहत शिविरों का किया दौरा, दोनों समुदाय के लोगों से की बात

Updated:
विज्ञापन

Manipur-Violence

मणिपुर में हिंसा की घटनाओं की जांच कर रही तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के सदस्यों ने शनिवार को दो राहत शिविरों का दौरा किया और दोनों समुदायों के निवासियों से बातचीत की, जातीय हिंसा में आने वाली कठिनाइयों के बारे में सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी शिकायतों को सुना जाएगा.

विज्ञापन

मणिपुर में फिलहाल स्थिति सामान्य है. हालांकि शुक्रवार को उग्रवादियों ने तीन लोगों की हत्या कर दी थी. लेकिन उसके बाद से हिंसा की अबतक कोई खबर नहीं आयी है. इधर हिंसा की जांच कर रही तीन सदस्यीय टीम ने राहत शिविरों का दौरा किया और दोनों समुदाय के लोगों से बात भी की है.

जांच टीम ने दोनों समुदायों के लोगों से की बात

राज्य सरकार ने जानकारी देते हुए कहा, मणिपुर में हिंसा की घटनाओं की जांच कर रही तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के सदस्यों ने शनिवार को दो राहत शिविरों का दौरा किया और दोनों समुदायों के निवासियों से बातचीत की, जातीय हिंसा में आने वाली कठिनाइयों के बारे में सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी शिकायतों को सुना जाएगा.

बीरेन सिंह से मुलाकात के बाद हिमंत विश्व शर्मा ने कहा-शाह को मणिपुर की स्थिति से अवगत कराएंगे

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को मणिपुर के अपने समकक्ष एन बीरेन सिंह से मुलाकात की और कहा कि वह राज्य की मौजूदा स्थिति से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराएंगे. मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए शर्मा सुबह गुवाहाटी से रवाना हुए. पूर्वोत्तर के इस राज्य में जातीय संघर्ष शुरू होने के एक महीने बाद भी छिटपुट हिंसा जारी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए 29 मई से एक जून तक मणिपुर का दौरा किया था.

Also Read: Manipur Violence: मणिपुर में सुरक्षाकर्मियों के भेष में आये उग्रवादियों ने चला दी गोली, तीन की मौत

मणिपुर में शांति बहाली के लिए सरकार ने बनाई समिति

केंद्र सरकार ने जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में शांति बहाली की कवायद में मदद करने और विभिन्न समुदायों के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता में एक शांति समिति का गठन किया. शांति समिति को राज्य के विभिन्न जातीय समूहों के बीच शांति स्थापना की प्रक्रिया में मदद करने और विरोधी गुटों व समूहों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत शुरू कराने का काम सौंपा गया है. शांति समिति में पूर्व नौकरशाह, शिक्षाविद, साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जातीय समूहों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola