'ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा', CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद भड़कीं ममता बनर्जी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 02 Feb 2026 7:25 PM

विज्ञापन

सीएम ममता बनर्जी ने की सीईसी से मुलाकात

Mamata Banerjee On CEC: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने ऐसा अहंकारी  और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा. उन्होंने एसआईआर मामले में विरोध के तौर पर काला शॉल ओढ़ रखा था.

विज्ञापन

Mamata Banerjee On CEC: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर मामले पर एक बार फिर चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा है. सोमवार को एसआईआर प्रभावित परिवारों और पार्टी नेताओं के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलीं. मुलाकात के बाद चुनाव आयोग के ऑफिस से बाहर आकर उन्होंने कहा  “मैं बहुत दुखी हूं. मैं बहुत लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में शामिल हूं. मैं 4 बार मंत्री और 7 बार सांसद रही हूं. लेकिन, मैंने ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा. मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी की इज्जत करती हूं क्योंकि कोई भी कुर्सी किसी के लिए स्थायी नहीं होती. एक दिन आपको जाना ही होगा. बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है. चुनाव लोकतंत्र में एक त्योहार होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया.”

बंगाल के लोग चुनाव आयोग के सामने समस्याएं उठाने आए हैं- ममता बनर्जी

ममता बनर्जी चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग कर रही हैं. इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग से मुलाकात का समय मांगा था, जिस पर आयोग ने उन्हें सोमवार (2 फरवरी) का समय दिया था. चुनाव आयोग से मुलाकात से पहले ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि बंगाल के लोग निर्वाचन आयोग के सामने अपनी समस्याएं उठाने आए हैं, लेकिन उन्हें ‘धमकी’ दी जा रही है. उन्होंने बंग भवन परिसर के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाया है.

काला शॉल ओढ़कर जताया विरोध

सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR) से प्रभावित करीब 50 परिवारों को दिल्ली लाया गया है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मिलने वाले 12 प्रतिनिधि एसआईआर से प्रभावित परिवारों से हैं. उन्होंने कहा कि इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्हें गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया और उन लोगों के परिजनों के सदस्य भी शामिल हैं जिनकी कथित तौर पर ‘एसआईआर के कारण’ मृत्यु हो गई है. ममता बनर्जी और टीएमसी नेता और कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में काली शॉल ओढ़ रखी थी. पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी ने काला स्वेटर पहन रखा था.

Also Read: ‘एक इंच सरेंडर नहीं कर सकता भारत’, राहुल गांधी के बयान पर भड़के रिजिजू, कहा- माफी मांगे कांग्रेस

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola