प्लेबैक सिंगर एस जानकी का 88 साल की उम्र में निधन, दक्षिण भारत की नाइटिंगेल के नाम से थीं मशहूर
प्लेबैक सिंगर एस जानकी का फाइल फोटो, PHOTO एक्स
सुरों की मलिका, दक्षिण भारत की कोकिला प्लेबैक सिंगर एस जानकी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. मैसूरु के अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.
S Janaki Passes Away: तबीयत बिगड़ने के बाद प्लेबैक सिंगर एस जानकी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के दौरान निधन हो गया. मैसूरु स्थित अपोलो बीजीएस अस्पताल (Apollo BGS Hospitals) ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया, उन्होंने शनिवार शाम 7:30 बजे अंतिम सांस ली.
इलाज के दौरान आया कार्डियक अरेस्ट
डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही थी और उन्हें इंटेंसिव केयर दी जा रही थी. हालांकि, इलाज के दौरान ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट पड़ा. डॉक्टरों ने मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत तुरंत उन्हें सीपीआर (CPR) दिया और बचाने की पूरी कोशिश की.
दक्षिण भारत की कोकिला के नाम से थीं मशहूर
एस जानकी 'जानकी अम्मा' और 'दक्षिण भारत की कोकिला' के नाम से फेमस थीं. उन्हें "क्वीन ऑफ एक्सप्रेशन" भी कहा जाता था.
20 से अधिक भाषाओं में 48,000 से ज्यादा गाने
एस जानकी ने अपने करियर में फिल्मों, एलबमों और रेडियो के लिए 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए. उन्होंने मुख्य रूप से कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु जैसी दक्षिण भारतीय भाषाओं में गाया. इसके अलावा उन्होंने हिंदी, ओडिया, बंगाली, पंजाबी और विदेशी भाषाओं सहित कुल 20 से अधिक भाषाओं में अपनी आवाज दी.
लोकप्रिय हिंदी गाने
एस जानकी के फिल्म: साहेब के यार बिना चैन कहां रे, आखरी रास्ता के गोरी का साजन, साजन की गोरी, मेरी जंग के बोल बेबी बोल, रॉक एंड रोल, जान की बाजी फिल्म के आते-आते तेरी याद आ गई और साहेब फिल्म के जवान है दिल गाने काफी फेमस हुए.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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