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MP Crisis Live Updates: बहुमत परीक्षण में नहीं शामिल हो सकते हैं बागी विधायक

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MP Crisis Updates: गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि हम खरीद-फरोख्‍त को बढावा नहीं देना चाहते हैं. फ्लोर टेस्ट जल्दी हो.

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बागी विधायक शामिल नहीं हो सकते हैं फ्लोर टेस्ट में 

सूत्रों के अनुसार शामिल नहीं हो सकते हैं बैंगलोर में मौजूद बागी विधायक, बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही ये आदेश दे दिया है कि बागी विधायक पूरी तरह स्वतंत्र हैं, वो चाहे तो फ्लोर टेस्ट में वो शामिल हो भी सकते हैं और नहीं भी. अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस की सरकार को बड़ा झटका लगेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, कमल नाथ सरकार को कल साबित करना होगा बहुमत 

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कल कमल नाथ सरकार को शाम 5 बजे फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करना होगा, हॉर्स ट्रेडिंग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो रिकॉर्डिंग का आदेश दिया है

विधानसभा अध्यक्ष ने उच्चतम न्यायालय के सुझाव को ठुकराया

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष एन पी प्रजापति को कांग्रेस के बागी विधायकों से वीडियो लिंक के जरिये बातचीत करनी चाहिए या फिर विधायकों को बंधक बनाये जाने की आशंका को दूर करने के लिए शीर्ष अदालत पर्यवेक्षक नियुक्त कर सकती है, लेकिन अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत के इस सुझाव को अस्वीकार कर दिया.

भाजपा और कांग्रेस कार्यालय में बढ़ाई गयी सुरक्षा 

कांग्रेस के 22 विधायकों के द्वारा इस्तीफे देने के बाद मध्यप्रदेश में चल रही सियासी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा यहां बुधवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर कथित रूप से मारपीट एवं उपद्रव करने के मद्देनजर भोपाल पुलिस ने एहतियात के तौर पर इन दोनों दलों के यहां स्थित प्रदेश कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ी दी है.

शिवराज ने कहा- सरकार हमारी ही बनेगी

सुप्रीम कोर्ट में स्पीकर की तरफ से दलीलें पेश कर रहे सिंघवी के 2 हफ्ते की मोहलत पर शिवराज ने कहा कि वक्त क्यों चाहिए ? कांग्रेस के लोग हॉर्स ट्रेडिंग करना चाहते हैं क्या ? आगे उन्होंन कहा कि संख्या बल उनके पास नहीं है, उनको यह बात अच्छी तरह से पता है. जमीन पैर के नीचे से खिसक गयी है. अब बहाना बनाकर की कुछ दिन काट लो और कुछ नियुक्तियां कर लो, यह इसलिए किया जा रहा है. न्याय की जीत होगी. सर्वोच्च न्यायलय पर हमें पूरा विश्‍वास है. सूबे में सरकार हमारी ही बनेगी.

सिंघवी ने दो हफ्ते का समय मांगा

इस्तीफों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, क्या स्पीकर ने इस्तीफों की जांच की है? जवाब में सिंघवी ने कहा है कि स्पीकर को जांच करने में लगभग 2 हफ्ते लगेंगे. अभिषेक मनु सिंघवी ने दो हफ्ते का समय मांगा है.

हम खरीद-फरोख्‍द को बढावा नहीं देना चाहते:जस्टिस चंद्रचूड

जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि हम जल्दी फ्लोर टेस्ट चाहते हैं. हम खरीद-फरोख्‍द को बढावा नहीं देना चाहते हैं.

विधायकों को बंधक बनाया गया

इधर , मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि उनकी बहुमत की सरकार है और विधायकों को बंधक बनाया गया है. 200 पुलिस कांग्रेस के विधायकों को दबाकर रख रहे हैं. यदि विधायक स्वतंत्र रूप से बागी होते तो कर्नाटक क्यों ले जाना पड़ता.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करेंगे, तो…

जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करेंगे, तो क्या स्पीकर इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे ? जिसपर सिंघवी ने कहा कि यह संभव नहीं है.

आप कुछ वक्त दे दीजिए…

स्पीकर की तरफ से दलीलें रखते हुए मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं दे सकता है. भाजपा सिर्फ फ्लोर टेस्ट की बात कह रही है. नयी सरकार में ये 16 लोग फायदा ले लेंगे. सुनवाई के दूसरे दिन यानी गुरुवार को पहले टिप्पणी में कोर्ट ने सिंघवी से पूछा कि आप इस स्थिते से कैसे निपटेंगे. स्पीकर इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं. सिंघवी ने जवाब दिया कि आप कुछ वक्त दे दीजिए. नोटिस विधायकों को जारी हो चुका है. यदि वक्त मिला तो निश्चिंतता के साथ फ्लोर टेस्ट रहो जाएगा.

सुनवाई शुरू

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गयी है. कोर्ट के समक्ष कांग्रेस का पक्ष रखते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि स्पीकर के अधिकार में दखल करने की कोशिश की जा रही है. सिर्फ फ्लोर टेस्ट का मंत्र जपा जा रहा है. विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर को फैसला लेने का अधिकार है.

8 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

हबीबगंज इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि भाजपा जिला अध्यक्ष विकास विरानी की शिकायत पर पुलिस ने राहुल राठौर सहित 8 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 147, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार मध्यप्रदेश में जल्द ही जाने वाली है इसलिए भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया है.

पत्थरों और लाठियों से हमला

कोठारी ने पत्रकारों से कहा कि हम अपने कार्यालय में शांतिपूर्वक बैठे हुए थे. तभी कांग्रेस के लोगों ने पत्थरों और लाठियों से हमारे ऊपर हमला कर दिया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों में से कुछ को हिरासत में लिया गया. इस घटना में किसी को चोट नहीं पहुंची है. कोठारी के आरोपों से इंकार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता वहां (भाजपा कार्यालय) गये थे लेकिन विरोध करने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

सुनवाई फिर आज

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को यह स्वीकार किया कि कमलनाथ सरकार की किस्मत 16 बागी विधायकों के हाथों में है. अदालत ने कहा कि वह विधानसभा द्वारा यह तय करने के बीच में दखल नहीं देगी कि किसके पास विश्वासमत है. अदालत ने कहा कि उसे यह सुनिश्चित करना है कि बागी विधायक स्वतंत्र रूप से अपने अधिकार का इस्तेमाल करें. इसके साथ ही अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के नौ विधायकों के अलावा मप्र कांग्रेस विधायक दल की याचिकाओं पर सुनवाई गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे तक के लिये स्थगित कर दी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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