Lilavati Hospital Black Magic: इंसानी बाल…खोपड़ियों वाले कलश, ट्रस्टी का दावा लीलावती अस्पताल में मिले काले जादू के सबूत

Black Magic
Lilavati Hospital Black Magic: मुंबई के लालावती अस्पताल काला जादू करने का दावा किया जा रहा है. ये दावा कोई और नहीं बल्कि मौजूदा ट्रस्टी ने किया है. इसको लेकर ट्रस्टी ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.
Lilavati Hospital Black Magic: महाराष्ट्र के लीलावती अस्पताल का संचालन करने वाले ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि उसके पूर्व ट्रस्टी और अन्य संबंधित व्यक्तियों ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन किया है. यही नहीं मौजूदा ट्रस्टी का दावा है कि अस्पताल परिसर में काला जादू भी किया गया था. लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट (एलकेएमएमटी) ने इस संबंध में ईडी और बांद्रा पुलिस थाना में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं.
ट्रस्टी का दावा- अस्पताल परिसर में मानव खोपड़ियों के 7 से अधिक कलश मिले
एलकेएमएमटी के परमानेंट रेजीडेंट ट्रस्टी प्रशांत मेहता ने कहा, “हमने शिकायतें दर्ज कराई और बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के कारण यह प्राथमिकी में तब्दील की गईं. पूर्व न्यासियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तीन से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इन व्यक्तियों के खिलाफ चौथी कार्यवाही अब मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित है, जो काले जादू और गुप्त प्रथाओं के लिए बांद्रा पुलिस थाना में दर्ज हमारी शिकायत पर आधारित है. अस्पताल परिसर में किए जाने वाले काले जादू के अनुष्ठानों के बारे में मेहता ने कहा, “हमें मानव बाल और खोपड़ियों वाले सात से अधिक कलश मिले हैं.” उन्होंने बताया कि बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत ने इन्हीं व्यक्तियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.
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पुलिस शिकायत में और क्या लगाया गया आरोप
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि लीलावती अस्पताल के वित्तीय अभिलेखों के ‘फोरेंसिक ऑडिट’ के दौरान उजागर हुई इस हेराफेरी ने ट्रस्ट के संचालन और बांद्रा क्षेत्र में स्थित प्रमुख निजी चिकित्सा सुविधा द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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