1. home Home
  2. national
  3. lathicharge in farmer protest hariyana kisan rakesh tikait farmer protest prt

हरियाणा में लाठीचार्ज से फिर भड़के किसान, 10 लोग जख्मी, जानिए क्यों किसानों के निशाने पर आ गये हैं राकेश टिकैट

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब दस लोग घायल हो गये. हरियाणा किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद किसान गुस्से में हैं. जिसके बाद राकेश टिकैत हरियाणा के कई किसान नेताओं के निशाने पर आ गये हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Farmer Protest
Farmer Protest
file photo
  • फिर सुर्खियों में आया किसान आंदोलन

  • खट्टर का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज

  • पुलिस की कार्रवाई में करीब दस लोग घायल

देश में एक बार फिर किसान आंदोलन सुर्खियों में है. दरअसल, हरियाणा में किसानों पर लाठी चार्ज किया गया. पुलिस की लाठी जार्च से किसानों में गुस्सा है. किसान पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बता रहे हैं. बता दें, बीते दिन करनाल के घरौंडा में टोल पर सीएम मनोहर लाल खट्टर के एक कार्यक्रम के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब दस लोग घायल हो गये.

वहीं, लाठीचार्ज के बाद कई स्थानों पर किसानों ने सड़कों को जाम कर दिया. फतेहाबाद-चंडीगढ़, गोहाना-पानीपत, जींद-पटियाला, अंबाला-चंडीगढ़ और हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया. सड़को पर जाम की स्थिति हो गई.

वहीं, हरियाणा भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक प्रदर्शनकारी किसानों पर लाठीचार्ज किया. चढ़ूनी ने किसानों से कहा कि वे जब तक सड़क को बंद रखें, तब तक हरियाणा पुलिस हिरासत में लिये गये उनके साथियों को रिहा नहीं कर देती.

इधर, हरियाणा किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद किसान गुस्से में हैं. मीडिया रिपोर्ट की माने तो अब राकेश टिकैत हरियाणा के कई किसान नेताओं के निशाने पर आ गये हैं. हरियाणा के किसानों का आरोप है बाहर से आये कुछ नेता किसानों को भड़काकर किसान और सरकार को आमने सामने कर रहे हैं. किसानों ने ये भी कहा है कि यूपी में बीजेपी सरकार है फिर भी कोई टकराव नहीं हुआ. लेकिन हरियाणा के किसान चोट खा रहे हैं.

इधर, तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का अनुरोध किया है. मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और उसकी सहयोगी भाजपा ने इस मुद्दे पर सदन से बहिर्गमन किया. हालांकि, उनका एक अन्य सहयोगी दल पीएमके इसमें शामिल नहीं हुआ. सत्ताधारी द्रमुक के सहयोगी दलों कांग्रेस, भाकपा और माकपा ने प्रस्ताव का समर्थन किया.

Posted by: Pritish Sahay

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें