Ladli Behna Yojana : इन महिलाओं के नाम काटने जा रही है सरकार, मंत्री अदिति तटकरे ने कह दी बड़ी बात
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Jan 2025 1:41 PM
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना की लाभार्थी
Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि लाड़की बहिन लाभार्थियों की जांच पड़ताल जारी है. फर्जी आवेदन करने वालों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा.
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Ladli Behna Yojana : लाड़की बहिन योजना की अगली किस्त का इंतजार यदि आप कर रहीं हैं तो आगे की खबर आपको चिंता में डाल सकती है. जी हां…महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे का बयान योजना को लेकर आया है. उन्होंने शनिवार को कहा कि ट्रांसपार्ट और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मदद से मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना के लाभार्थियों की जांच की जा रही है. मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि 4,500 महिलाओं ने योजना से बाहर निकलने के लिए आवेदन किया है.
साल 2024 के अगस्त के महीने में प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना शुरू किया था. योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के खाते में 1,500 रुपये हर महीने डाले जाते थे. जिन महिलाओं के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाता है.
इन महिलाओं को नहीं मिलेगा मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना का लाभ
मंत्री तटकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना के फर्जी लाभार्थियों के बारे में शिकायत मिली. इसके आधार पर जांच की जा रही है. तटकरे ने कहा, ‘‘कुछ लाभार्थियों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है. कुछ के पास एक से अधिक प्राइवेट गाड़ी है. सरकारी नौकरी में कार्यरत होने और विवाह के बाद दूसरे राज्यों में चले जाने वाली महिलाओं की भी शिकायत मिली है. जांच एक सतत प्रक्रिया है और आगे भी जारी रहेगी.
हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ पड़ता है सरकार पर
मंत्री तटकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना से बाहर निकलने के लिए 4,500 महिलाओं ने आवेदन किया है. पिछले साल राज्य विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई योजना ने सत्तारूढ़ महायुति की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. योजना के 2.43 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं, जिससे राज्य के खजाने पर हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ पड़ता है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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