Project Cheetah: दक्षिण अफ्रीका से लाये गये 12 चीते, वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर से भेजे गये कूनो नेशनल पार्क
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Feb 2023 1:55 PM
दक्षिण अफ्रीका से लाये जा रहे 12 चीतों के इस जत्थे में सात नर और पांच मादा चीते हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने की परियोजना के तहत नामीबिया से लाये गये आठ चीतों को 17 सितंबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा था.
दक्षिण अफ्रीका से लाये गये 12 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंच चुके हैं. सुबह दक्षिण अफ्रीका से 10 बजे उन्हें सेना के विशेष विमान से ग्वालियर लाया गया. भारत पहुंचने बाद चीतों को IAF का Mi-17 हेलीकॉप्टर से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क भेजा गया. मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान 12 और चीतों के स्वागत के लिए पहले से ही तैयार था. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सभी 12 चीतों को उनके नये घर कूनो नेशनल पार्क के पृथक बाड़े में छोड़ा.
सुबह 10 बजे भारत लैंड किये 12 चीते
ग्लोबमास्टर C17 विमान 12 चीतों को लेकर भारत पहुंचा. विामन ने ग्वालियर हवाई अड्डे पर सुबह 10 बजे लैंड किया. यहां से चीतों को कूनो पार्क ले जाया जाएगा. इस बार केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, नरेंद्र सिंह तोमर और CM शिवराज चौहान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
#WATCH | Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan releases the second batch of 12 Cheetah brought from South Africa, to their new home Kuno National Park in Madhya Pradesh. pic.twitter.com/uQuWQRcqdh
— ANI (@ANI) February 18, 2023
12 चीतों के जत्थे में 7 नर और पांच मादा
दक्षिण अफ्रीका से लाये जा रहे 12 चीतों के इस जत्थे में सात नर और पांच मादा चीते हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने की परियोजना के तहत नामीबिया से लाये गये आठ चीतों को 17 सितंबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक मंच से लीवर घुमाकर लकड़ी के पिंजड़ों के दरवाजे खोलकर विशेष बाड़ों में पृथकवास में छोड़ा था, जिनमें पांच मादा एवं तीन नर चीते हैं.
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भारत पहुंचने के बाद चीतों को हेलीकॉप्टर से कूनो राष्ट्रीय उद्यान ले जाया जाएगा
दक्षिण अफ्रीका से भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से शनिवार सुबह ग्वालियर पहुंचने के 30 मिनट बाद इन चीतों को वहां से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से करीब 165 किलोमीटर दूर कूनो राष्ट्रीय उद्यान ले जाया जाएगा. दोपहर करीब 12 बजे कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने के बाद इस चीतों को आधे घंटे (दोपहर 12.30 बजे) के बाद पृथक-वास में बाड़ों में रखा जाएगा.
भारत में आखिरी चीते की मृत्यु छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी
भारत में अंतिम चीते की मृत्यु वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी और इस प्रजाति को देश में 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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