Kolkata Law Student Assault: लॉ कॉलेज के बाहर बीजेपी की जांच टीम को रोका गया, कैंपस सील
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 Jun 2025 5:39 PM
BJP fact-finding team kolkata
Kolkata Law Student Assault: साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच जारी है. इस बीच सोमवार को लॉ कॉलेज के बाहर उस समय भारी हंगामा हुआ, जब बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम मामले की जांच के लिए पहुंची. टीम को गेट पर ही रोक दिया गया, उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. जिसके बाद वहां का माहौल गर्म हो गया.
Kolkata Law Student Assault: पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा सहित बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के साथ सोमवार को दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज पहुंची, जहां 25 जून की शाम को एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. लेकिन टीम को कॉलेज के गेट पर ही रोक दिया गया और उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया. हालांकि बाद में टीम अंदर गई और बातचीत भी की. इस दौरान वहां भारी हंगामा हुआ. बीजेपी की टीम पुलिस से बात करती रही, लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. टीम के साथ पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पार्टी विधायक अग्निमित्र पॉल भी मौजूद थे.
बंगाल में दुष्कर्मियों की सरकार : अग्निमित्रा पॉल
पश्चिम बंगाल की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल कहती हैं, “हमने पुलिस आयुक्त और यहां तक कि उप-प्रधानाचार्य से भी बात की… हमें अंदर जाने से रोका जा रहा था. वे नहीं चाहते थे कि हम अंदर जाएं. अन्याय हुआ है और अगर वे हमें रोकते हैं, तो इसके परिणाम होंगे. उन्होंने चतुराई से काम किया और हमें अंदर जाने दिया. टीएमसी सरकार दुष्कर्मियों की सरकार है.”
#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP's fact-finding team, comprising former Union Minister Satpal Singh, former Union Minister Meenakshi Lekhi, Lok Sabha MP Biplab Kumar Deb, and Rajya Sabha MP Manan Kumar Mishra, reaches the South Calcutta Law College, with supporters and… pic.twitter.com/2tElFmGZ01
— ANI (@ANI) June 30, 2025
कॉलेज कैंपस सील
मामले की जांच के लिए कॉलेज कैंपस को सील कर दिया गया है. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म की साजिश तीन आरोपियों ने पहले ही रची थी. घटना की जांच कर रहे 9 सदस्यीय SIT के अधिकारियों ने यह भी पाया कि तीन आरोपियों – मनोजीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद का कॉलेज की छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का इतिहास रहा है. चौथा आरोपी कॉलेज का सुरक्षा गार्ड है. तीनों इस तरह की घटनाओं को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड करते थे और बाद में फुटेज का इस्तेमाल पीड़ितों को ‘ब्लैकमेल’ करने के लिए करते थे.
बंगाल की मंत्री ने बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम पर बोला हमला
बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम पर पश्चिम बंगाल की मंत्री डॉ शशि पांजा ने कहा, “भाजपा की चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम पश्चिम बंगाल में है. इससे यह स्थापित होता है कि राज्य में लोकतंत्र मौजूद है. यह एक राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल है. हालांकि, जब टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने हाथरस या त्रिपुरा जाने का प्रयास किया, तो उन्हें रोक दिया गया. इससे साबित होता है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र है, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में नहीं। सच्चाई यह है कि घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. पीड़िता के परिवार ने भी कहा है कि कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही जांच से उन्हें भरोसा है और उन्हें न्याय मिलेगा। बिप्लब देब के बारे में सच्चाई क्या है? त्रिपुरा के सीएम के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, बलात्कार और हत्याएं हुईं और राज्य में प्रेस की स्वतंत्रता नहीं थी…”
आरजी कर कॉलेज मामले में जो हुआ वह इस बार नहीं होगा : पीड़िता के वकील
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: कोलकाता में कथित सामूहिक बलात्कार मामले पर पीड़िता के वकील अरिंदम कांजीलाल ने कहा, “पीड़िता की एफआईआर के आधार पर यह स्पष्ट रूप से सामूहिक बलात्कार का मामला है और इसके लिए सजा 20 साल से कम नहीं होनी चाहिए और आगे चलकर यह आजीवन कारावास तक हो सकती है। हालांकि, हम आश्वस्त कर सकते हैं कि आरजी कर कॉलेज मामले में जो हुआ वह इस बार नहीं होगा.”
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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