Earth 2.0: पृथ्वी जैसा है यह ग्रह, जीवन की भी प्रबल संभावना, क्या कभी बस सकेंगे इंसान
Published by : Pritish Sahay Updated At : 10 Apr 2025 12:05 AM
Earth 2.0, @NASAExoplanets
Earth 2.0: स्टीफंस हॉकिंस समेत कई वैज्ञानिकों का मानना है कि एक दिन हमारी धरती रहने योग्य नहीं रहेगी. ऐसे में समय रहते हमें अपना नया ठिकाना ढूंढना होगा. वैज्ञानिक लंबे अर्से से सौरमंडल के बाद दूसरे सौरमंडलों में ऐसे ग्रह की तलाश में लगे है, जो हमारी धरती की तरह है. हाल के सालों में वैज्ञानिकों की नजर केप्लर 452 बी नाम के एक ग्रह पर टिकी है. इस ग्रह में तमाम वो खासियत है तो इंसानों की बस्ती बसाने के लिए जरूरी होती है. ऐसे में भविष्य में कैप्लर पर जीवन बसाने पर वैज्ञानिक विचार कर सकते हैं. हालांकि इस काम में सबसे बड़ी चुनौती इस ग्रह की धरती से दूरी है.
Earth 2.0: विज्ञान के विकास के साथ इंसान अनंत में फैले ब्रह्मांड को जानने की कोशिश में लगा है. हर दिन अंतरिक्ष वैज्ञानिक ब्रह्मांड को खंगाल रहे हैं. क्या हम इतने विशाल ब्रह्मांड में अकेले हैं या हमारी धरती की तरह ही किसी ग्रह पर जीवन पनप रहा है, इस सवाल के जवाब की तलाश करते-करते वैज्ञानिकों की नजर एक ग्रह पर ठहर गई है. इसका नाम केपलर-452बी है. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह ग्रह हमारी धरती की तरह ही है. पृथ्वी के समान ही यहां पानी है, जमीन है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस ग्रह पर वातावरण है जो जीवन पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है.
धरती से मिलता जुलता ग्रह है केप्लर 452 बी
केप्लर 452 बी हमारी धरती से इतना मिलता जुलता ग्रह है कि इसे कुछ वैज्ञानिक पृथ्वी 2.0 या पृथ्वी का चचेरा भाई कहते हैं. जीवन के लिए जो जरूरी चीजें होती है वो सभी कुछ इस ग्रह में मौजूद है. इसमें प्रचुर मात्रा में पानी है, जमीन है, इसका अपना वातावरण है. इसके सूर्य से इसकी दूरी भी करीब उतनी है जितनी पृथ्वी और सूर्य की दूरी है. यह ग्रह हैबिटेबल जोन में आता है. वैज्ञानिकों का दावा है कि इस ग्रह में अगर जीवन न भी हो तो यहां भविष्य में इंसानी बस्ती बसाने पर विचार किया जा सकता है.
केप्लर 452 बी का जानकारी
केप्लर 452 बी अभी तक खोजे गये सुपर अर्थ में पृथ्वी से सबसे ज्यादा मिलता-जुलता ग्रह है. इस ग्रह की तलाश नासा के केप्लर अंतरिक्ष यान ने की थी. केपलर 452बी पृथ्वी से करीब 1400 प्रकाश वर्ष दूर सिग्नस तारामंडल में स्थित है. इस चट्टानी ग्रह में जीवन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश है.
धरती से 60 फीसदी ज्यादा बड़ा है केप्लर 452 बी
केपलर 452 बी आकार में पृथ्वी से काफी बड़ा है. दोगुने भी ज्यादा. व्यास में यह पृथ्वी से 60 फीसदी बड़ा है. यह 385 दिनों में अपने सूर्य की एक परिक्रमा करता है. इससे साफ है कि इसकी कक्षा भी पृथ्वी के समान दूरी पर स्थित है.वैज्ञानिकों का अनुमान है कि केप्लर 452 बी एक चट्टानी ग्रह है, जो अपने तारे के हैबिटेबल जोन में आता है. इसे केप्लर ऑब्जेक्ट ऑफ इंटरेस्ट KOI-7016.01 से भी जाना जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










