IPS वाई पूरन की मौत के बाद उनकी पत्नी को कितनी संपत्ति मिलेगी? जानें सरकार क्या-क्या देती है सहायता

IPS Puran Kumar Suicide
IPS Puran Kumar Suicide: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले 9 पन्नों की वसीयत लिखी, जिसमें पूरी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम की गई. केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन, बीमा और राहत योजनाएं उनके परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी.
IPS Puran Kumar Suicide: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की अचानक हुई आत्महत्या की घटना ने प्रशासन और समाज को झकझोर दिया है. 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित उनके सरकारी आवास में उन्होंने गोली मारकर आत्महत्या कर ली. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 6 अक्टूबर को वसीयत तैयार की और 9 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जो उन्होंने विदेश दौरे पर मौजूद अपनी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार को मोबाइल पर भेजा.
आत्महत्या से एक दिन पहले तैयार की वसीयत
हैरान करने वाली बात यह है कि अधिकारी ने आत्महत्या से एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को 9 पन्नों की वसीयत और सुसाइड नोट तैयार किया. यह नोट उन्होंने अपनी पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार, को मोबाइल पर भेजा था, जो उस समय विदेश दौरे पर थीं.
पत्नी को सौंपी पूरी संपत्ति
वसीयत में वाई पूरन कुमार ने साफ लिखा कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी संपूर्ण चल-अचल संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम होगी. उनकी संपत्ति में मुख्य रूप से शामिल हैं—
- गुरुग्राम यूनिवर्सल बिजनेस पार्क में ऑफिस स्पेस
- चंडीगढ़ सेक्टर-11A के मकान नंबर 116 में 25 % हिस्सा
- मोहाली आईटी सिटी (सेक्टर-83/अल्फा, ब्लॉक-B) का प्लॉट नंबर 1227
- एचडीएफसी बैंक वेतन खाता, बचत राशि और उससे जुड़े डीमैट खाते के शेयर
केंद्र सरकार से मिलने वाले लाभ
- केंद्रीय स्तर पर आईपीएस अधिकारी के परिवार को कई आर्थिक सहायता योजनाएं मिलती हैं—
- फैमिली पेंशन (अंतिम वेतन का 30–50 %)
- ग्रेच्युटी (Gratuity)
- Ex-Gratia राशि
- जनरल इंश्योरेंस स्कीम के तहत जीवन बीमा भुगतान
- ये सभी सुविधाएं अधिकारी के परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दी जाती हैं।
राज्य सरकार की सहायता और योजनाएं
- राज्य स्तर पर भी अधिकारी के परिवार को अतिरिक्त लाभ मिलते हैं, जैसे—
- स्टेट फैमिली पेंशन
- अतिरिक्त Ex-Gratia राशि
- पुलिस वेलफेयर फंड से मदद
- Compassionate Appointment Scheme के तहत परिवार के किसी सदस्य को नौकरी
- सरकारी आवास, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा सहायता
मानसिक दबावों पर उठा सवाल
इस दर्दनाक घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और व्यक्तिगत तनाव को कैसे संभाला जाए. वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पुलिस सेवाओं में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा को फिर से प्रासंगिक बना दिया है.
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लेखक के बारे में
By Ayush Raj Dwivedi
आयुष डिजिटल पत्रकार हैं और इनको राजनीतिक खबरों को लिखना, वीडियो बनाना और रिसर्च करना पसंद है. इससे पहले इन्होंने न्यूज इंडिया 24*7 में बतौर कंटेन्ट राइटर और रिपोर्टर काम किया है. इनको बिहार यूपी और दिल्ली की राजनीति में विशेष रुचि है. आयुष को क्रिकेट बहुत पसंद है
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