तवांग में ड्रैगन को मिलेगा करारा जवाब, चीनी टैंकों को तबाह करने की मिल रही सेना को ट्रेनिंग, यहां देखें वीडियो

Paju: A South Korean army K-9 self-propelled howitzer fires during the annual exercise in Paju, South Korea, near the border with North Korea, Tuesday, June 23, 2020. A South Korean activist said Tuesday hundreds of thousands of leaflets had been launched by balloons across the border with North Korea overnight, after the North repeatedly warned it would retaliate against such actions. AP/PTI Photo(AP23-06-2020_000017B)
चीन की ओर से लगातार घुसपैठ और फौज के जमावड़े से बढ़े खतरे को देखते हुए भारत ने भी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास तवांग सेक्टर में एक अभ्यास किया. जाहिर है भारतीय सेना को तवांग में एलओसी पर जबरदस्त ट्रेनिंग दी जा रही हैं.
India China Face off: एलएसी (LAC) पर चीन भारी हथियारों के साथ बड़ी संख्या में सेना तैनात कर रहा है. ड्रैगन की हरकत देखकर भारत भी अपनी पूरी तैयारी करने में जुटा है. चीन की ओर से लगातार घुसपैठ और फौज के जमावड़े से बढ़े खतरे को देखते हुए भारत ने भी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास तवांग सेक्टर में एक अभ्यास किया. जाहिर है भारतीय सेना को तवांग में एलओसी पर जबरदस्त ट्रेनिंग दी जा रही हैं.
#WATCH | Arunachal Pradesh | Indian Army soldiers demonstrate a drill in Tawang sector near the Line of Actual Control (LAC) to tackle any threat from the Chinese side pic.twitter.com/jb1sMzJfGD
— ANI (@ANI) October 21, 2021
चीन को टक्कर देगी भारतीय सेना: जाहिर है, तवांग की दुर्लभ भौगोलिक संरचना, उबड़-खाबड़ रास्ते और खराब जलवायु के बीच सेना ने खुद को इस विपरित परिस्थिति में ढालने के लिए यह अभ्यास किया. सेना का मकसद है कि अगर आने वाले समय में चीन के साथ किसी भी तरह का विवाद होता है तो ड्रेगन की हरकत का भारतीय सेना मुंह तोड़ जवाब दे सके.
#WATCH Indian Army soldiers demonstrate battle drill to destroy enemy tanks in the Tawang sector near the Line of Actual Control (LAC) #ArunachalPradesh pic.twitter.com/3XYvYjB1hY
— ANI (@ANI) October 21, 2021
अरुणाचल सेक्टर में भारत ने की बोफोर्स की तैनाती: इससे पहले भारतीय थल सेना ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर ऊंचे पर्वतों पर अच्छी खासी संख्या में उन्नत एल-70 विमान रोधी तोपें तैनात की हैं. वहां सेना की एम-777 होवित्जर और स्वीडिश बोफोर्स तोपें पहले से तैनात हैं.
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एम-77 अत्यधिक हल्के होवित्जर तोप तैनात किये जाने के कुछ महीनों बाद यह तैनाती की गयी है, जिसका लक्ष्य पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद चीन के आक्रामक रुख का सामना करने के लिए गोले बरसाने की संपूर्ण शक्ति में इजाफा करना है. अधिकारियों ने बताया कि उन्नत एल-70 तोपें किसी भी अकस्मात स्थिति से निबटने के लिए करीब दो महीने पहले तैनात की गयी थी.
खास बातें
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एम-777 होवित्जर तोप की 30 किमी तक है मारक क्षमता
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फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर को मार गिराने में सक्षम, सभी मौसम में कर सकती हैं काम
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एल-70 बोफोर्स तोप : 3.5 किमी दूर लक्ष्य भेदने में सक्षम
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सटीक निशाना साधने में सक्षम, जगह बदलने पर तोप निशाना खुद साध लेती है
Posted by: Pritish Sahay
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