15 साल 100 उपग्रह… चंद्रयान-4, गगनयान, स्पेस स्टेशन के जरिए अंतरिक्ष में झंडे लहराएगा भारत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 24 Aug 2025 6:06 PM

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India Space Program

India Space Program: भारत अंतरिक्ष में एक लंबी छलांग की तैयारी कर रहा है. दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके एक समारोह में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अगले 15 सालों के दौरान भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम की रूपरेखा पेश की. इस रोडमैप के मुताबिक 2040 तक भारत 100 से अधिक उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा, साथ ही चंद्रयान-4, गगनयान, अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में सार्थक कदम उठाएगा.

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India Space Program: अगले 15 सालों में भारत स्पेस रेस में कई उपलब्धि हासिल कर लेगा, जिसमें चंद्रयान-4, गगनयान, अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने के साथ-साथ अंतरिक्ष में 100 से ज्यादा उपग्रह प्रक्षेपित करना भी शामिल हैं. साल 2024 तक भारत स्पेस रेस में लंबी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है. केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि अगले 15 वर्षों में भारत 100 से अधिक उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि ये उपग्रह सरकारी प्रौद्योगिकी अभियानों और निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले परिचालन मिशनों के तहत प्रक्षेपित किए जाएंगे.

विकसित भारत की दिशा में कदम- जितेंद्र सिंह

दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह के दौरान मंत्री जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अगले 15 वर्षों के वास्ते एक प्रारूप भी जारी किया. इस समारोह में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी नारायणन, INSPAC के अध्यक्ष पवन गोयनका और गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्री भी मौजूद थे. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह रोडमैप 2040 और उसके आगे भारत की अंतरिक्ष यात्रा का मार्गदर्शन करेगा. साथ ही खाद्य एवं जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन क्षमता, पर्यावरणीय स्थिरता और समावेशी विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर विकसित भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करेगा.

जल्द होगा गगनयान-1 का प्रक्षेपण

जितेंद्र सिंह ने इसरो के भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी कार्यक्रम में पेश की. उन्होंने कहा कि मानवरहित गगनयान-1 मिशन का प्रक्षेपण इस साल के अंत तक होने की उम्मीद है. गगनयान-1 एक मानव-रोबोट मिशन होगा, जिसमें मानवीय रोबोट व्योममित्र अंतरिक्ष की यात्रा करेगा. वर्ष 2027 में भारत गगनयान मिशन के तहत अपनी पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान का प्रयास करेगा. इसके बाद 2028 में चंद्रयान-4, शुक्र ग्रह के लिए एक मिशन और 2035 तक प्रस्तावित भारत अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत ने 2040 तक चंद्रमा पर अपना एक अंतरिक्ष यात्री भेजने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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