India-Pakistan Tension : बचा लो अमेरिका हमें! भारत की मार के बाद पाकिस्तान भीख मांगने लगा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 May 2025 12:31 PM
Operation Sindoor Full Story
India-Pakistan Tension : सुबह 10:38 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के डीजीएमओ को फोन कर कराची पोर्ट पर संभावित ब्रह्मोस मिसाइल हमले का जिक्र किया. हालांकि, भारत ने संयम बनाए रखा. भारत ने किसी दबाव में आने से इनकार कर दिया.
India-Pakistan Tension : 7 मई को भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किए गए. इसके बाद, 10 मई की सुबह भारतीय मिसाइलों ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया. इससे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया और उसने अमेरिका से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की. कराची नौसैनिक अड्डे पर संभावित भारतीय हमले की खबरों से पाकिस्तान के पसीने छूट गए. पाकिस्तानी सैन्य व्यवस्था घबरा गई. हालात बिगड़ते देख अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन घुमाया. यहीं नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से संपर्क करने के तुरंत प्रयास किए गए.
भारत किसी दबाव में नहीं आया
अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान अमेरिका से तुरंत युद्धविराम की अपील करने लगा. हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सैन्य निर्णय का फैसला डीजीएमओ चैनल के जरिए ही होगा, क्योंकि इस समय पूरे अभियान का संचालन भारतीय सेना के नेतृत्व में किया जा रहा है. सुबह 10:38 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के डीजीएमओ को कॉल किया. उन्होंने कराची पोर्ट पर संभावित ब्रह्मोस हमले का जिक्र किया और जवाबी हमले की धमकी दी. हालांकि, भारतीय पक्ष पूरी तरह सतर्क और तैयार था. भारत किसी दबाव में नहीं आया.
भारत की प्रतिक्रिया में पूरी तरह संयम और आत्मविश्वास नजर आया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उसके सहयोगी देशों के लगातार फोन कॉल्स को भारत ने नजरअंदाज कर दिया. भारत का स्पष्ट रुख था कि अब कोई भी रणनीतिक बातचीत सिर्फ सैन्य चैनल, खासकर डीजीएमओ के माध्यम से ही की जाएगी.
भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान को पस्त कर दिया
10 मई को हुए मिसाइल हमले के बाद पाकिस्तान की 11 वायुसेना ठिकाने पूरी तरह निष्क्रिय हो गए थे. पाक की हवाई सुरक्षा प्रणाली की कमर टूट चुकी थी. भारत की वायुसेना ने राफेल विमानों, ब्रह्मोस मिसाइलों, ड्रोन और लूटरिंग म्यूनिशन के जरिए दुश्मन को करारा जवाब दिया. चीन से मिले एयर डिफेंस सिस्टम भी या तो नष्ट हो गए या इलेक्ट्रॉनिक जामिंग से बेकार हो गए.
मिशन के सभी टारगेट भारत ने पूरे कर लिए थे
भारतीय रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया कि संघर्षविराम इसलिए स्वीकार किया गया क्योंकि मिशन के सभी टारगेट पूरे हो चुके थे. पाकिस्तान की ओर से कोई बड़ी सैन्य प्रतिक्रिया संभव नहीं थी. साथ ही, भारत नहीं चाहता था कि पाकिस्तान खुद को पश्चिमी देशों के सामने पीड़ित के रूप में दिखाने का प्रयास करे.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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