हर सिलेंडर पर 700 रुपये का घाटा! LPG के बढ़े दामों पर केंद्र सरकार ने क्या कहा पढ़ें

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 07 Jun 2026 11:50 AM

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14.2-kg सिलेंडर पर 29 रुपये की बढ़ोतरी (File Photo)

रसोई गैस एक बार फिर महंगी हो गई है. एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. सरकार का दावा है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत कई देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में अब भी कम हैं.

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पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब कीमतें बढ़ी हैं. बताया जा रहा है कि ग्लोबल मार्केट में एनर्जी की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर अब उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नई कीमतें लागू होने से पहले सरकारी तेल कंपनियों को हर बिकने वाले एलपीजी सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था. यानी घरेलू गैस की बिक्री कंपनियों के लिए घाटे का सौदा बन गई थी.

नई कीमत लागू होने के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत सात जून से 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो चुकी है. पश्चिम एशिया में जंग (अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध)के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन बाधित होने और इंटरनेशनल फ्यूल कीमतों में वृद्धि होने के बाद सात मार्च को की गई 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी के बाद यह दूसरी बार वृद्धि की गई है.

भारत में दुनिया के अन्य देशों से सस्ता है रसोई गैस सिलेंडर

केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अपने इस फैसले का बचाव किया है. सरकार की ओर से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में परिवारों को रसोई गैस दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सस्ती कीमत पर मिल रही है.

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सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की असली लागत इससे कहीं ज्यादा है, लेकिन उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही लिए जा रहे हैं. बाकी खर्च का बड़ा हिस्सा सरकारी तेल कंपनियां और केंद्र सरकार उठा रही हैं. सरकार के अनुसार, घरेलू गैस पर होने वाला नुकसान पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर करीब 60,000 करोड़ रुपये पहुंच गया. इस बोझ को कम करने के लिए केंद्र ने तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की भरपाई करने की मंजूरी दी है.

किन देशों से एलपीजी मंगा रहा है भारत

सरकार का कहना है कि संकट के समय देश में रसोई गैस की कमी न हो, इसके लिए घरेलू उत्पादन में 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी की गई. साथ ही अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त एलपीजी मंगाने की व्यवस्था भी की गई.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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