'वायु सेना किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार, व्यर्थ नहीं जाएगा शहीदों का बलिदान', IAF चीफ भदौरिया ने भरी हुंकार

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 20 Jun 2020 11:06 AM

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India china face off: भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव के बीच वायु सेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने कहा है कि हम किसी भी अचानक हुई घटना का जवाब देने के लिए अच्छी तरह से तैयार और तैनात हैं. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि हम गलवान के बहादुरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया (air chief rks bhadouria) ने डुंडीगल में वायु सेना अकादमी (एएफए) में कम्बाइंड ग्रैजुएशन परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए ये बात कही.

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India china face off: भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव के बीच वायु सेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने कहा है कि हम किसी भी अचानक हुई घटना का जवाब देने के लिए अच्छी तरह से तैयार और तैनात हैं. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि हम गलवान के बहादुरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया (air chief rks bhadouria) ने डुंडीगल में वायु सेना अकादमी (एएफए) में कम्बाइंड ग्रैजुएशन परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए ये बात कही.

भदौरिया ने कहा कि वायु सेना लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार तथा सही जगह तैनात है. वायुसेना लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह लद्दाख की गलवान घाटी में हमारे शूरवीरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देगी. वायु सेना प्रमुख ने कहा कि चीनी बलों के साथ झड़प के दौरान हमारे सैनिकों की वीरता ने किसी भी कीमत पर अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करने के संकल्प को दर्शाया है.

चीन को जवाब देने की तैयारी में देश सीमा पर गरजे भारतीय फाइटर जेट

आपको बता दें कि लद्दाख में चीन के साथ तनाव चरम पर है. चीन के सैनिकों से हिंसक झड़प में 20 जवानों की शहादत के बाद भारत ने किसी भी हालात से निबटने की अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. चीन को हर तरीके से सबक सिखाने के लिए सेना, वायुसेना और नेवी को हाई अलर्ट पर रखा गया है. वायुसेना अपने लड़ाकू विमानों को चीन की सीमा के नजदीक फॉरवर्ड बेस में तैनात कर रही है. एक ओर जहां लेह से लद्दाख तक आसमान में भारतीय फाइटर जेट्स गरज रहे हैं, तो चिनूक व अपाचे हेलीकॉप्टर लद्दाख की पहाड़ियों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं. इस बीच वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने लेह और श्रीनगर एयरबेस का दौरा किया. इस दौरे को चीन को एक बड़े संकेत देने के तौर पर देखा जा रहा है.

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लेह और श्रीनगर एयरबेस भारत के लिए काफी अहम

लेह और श्रीनगर एयरबेस भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम हैं. ये दोनों एयरबेस पूर्वी लद्दाख से बेहद करीब हैं. यहां से लद्दाख में किसी भी ऑपरेशन को तत्काल अंजाम दिया जा सकता है.

लद्दाख में अडवांस पोजिशन में फाइटर जेट्स तैनात

इस बीच भारत ने सुखोई 30एमकेआइ मिराज 2000 और जगुआर फाइटर जेट्स को अडवांस पोजिशन में तैनात कर दिया है जहां से वे तुरंत उड़ान भर सकते हैं और दुश्मन को धूल चटा सकते हैं. भारतीय सेना के जवानों की मदद के लिए अमेरिकन अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स को भी तैनात कर दिया है. चिनूक हेलीकॉप्टर्स को भी लेह में तैयार रखा गया है. एमआइ17V5 मीडियम लिफ्ट चॉपर्स भी सेना और सामानों की आपूर्ति में अहम योगदान दे रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआइ द्वारा जारी लेह और लद्दाख की कुछ ताजा तस्वीरों में हेलीकॉप्टर्स और लड़ाकू विमान लद्दाख के आसमान में मंडराते देखे गये. बता दें कि पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास चीन ने 10 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात किये हैं. ऐसे में भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयारियों में लग गयी है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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