भागलपुर की बहू लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने रचा इतिहास, 26 हजार समुद्री मील की विश्व परिक्रमा पूरी

Updated:
विज्ञापन
भागलपुर के भीखनपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह व मित्रा कुमारी की बहू प्रियंका गोसाई और बेटे ऋषब राज

भागलपुर के भीखनपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह व मित्रा कुमारी की बहू प्रियंका गोसाई और बेटे ऋषब राज

Bhagalpur News : भागलपुर की बहू, नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने 26 हजार समुद्री मील की विश्व जल-परिक्रमा पूरी कर देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों को पार कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.

विज्ञापन

भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर की एक बहू ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिस पर सिर्फ शहर या बिहार ही नहीं बल्कि पूरा देश गर्व कर रहा है. भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों को पार करते हुए करीब 26 हजार समुद्री मील की विश्व जल-परिक्रमा पूरी कर इतिहास रच दिया है. तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों के इस ऐतिहासिक अभियान में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करने वाली वह एकमात्र अधिकारी थीं. उनकी इस उपलब्धि के बाद भागलपुर के भीखनपुर से लेकर शाहकुंड तक खुशी और गर्व का माहौल है.

समुद्र की लहरों पर लहराया तिरंगा, दुनिया ने देखा भारत का सामर्थ्य

भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गोसाई ने "समुद्र प्रदक्षिणा" अभियान के तहत विश्व जल-परिक्रमा सफलतापूर्वक पूरी की है. यह अभियान सिर्फ एक नौकायन यात्रा नहीं था, बल्कि दुनिया के महासागरों में भारत की क्षमता, महिला शक्ति और सैन्य कौशल का प्रदर्शन भी था.

इस ऐतिहासिक अभियान में नौ सदस्यीय महिला टीम शामिल थी, जिसमें भारतीय नौसेना की ओर से प्रियंका गोसाई अकेली अधिकारी थीं. अभियान ने यह संदेश दिया कि भारतीय महिलाएं अब दुनिया के सबसे कठिन समुद्री अभियानों का नेतृत्व करने में भी सक्षम हैं.

भागलपुर से जुड़ा है प्रियंका का खास रिश्ता

प्रियंका गोसाई मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भटकोट गांव की रहने वाली हैं. विवाह के बाद उनका रिश्ता भागलपुर से जुड़ गया. उनके पति राज भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं.

भागलपुर के आरसीएमएस रोड, भीखनपुर गुमटी नंबर-2 निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह और मित्र कुमारी उनके सास-ससुर हैं. परिवार का कहना है कि प्रियंका की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि भागलपुर, बिहार और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.

उनकी सफलता की खबर मिलते ही भीखनपुर और शाहकुंड के नारायणपुर गांव में लोगों ने खुशी जताई. परिवार से जुड़े लोगों ने इसे नई पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा बताया.

Bhagalpur News : 11 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था ऐतिहासिक अभियान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से "समुद्र प्रदक्षिणा" अभियान को रवाना किया था.

टीम स्वदेश निर्मित 50 फीट लंबे भारतीय नौकायन पोत "आईएनएसवी तारिणी" पर सवार होकर विश्व यात्रा पर निकली थी. करीब 26 हजार समुद्री मील की इस यात्रा को पूरा करने में कई महीने लगे और टीम कुछ दिन पहले भारत लौट आई.

यह दुनिया का पहला ऐसा महिला विश्व जल-परिक्रमा अभियान माना जा रहा है, जिसमें भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया.

दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों को किया पार

इस अभियान की सबसे बड़ी चुनौती दुनिया के सबसे कठिन समुद्री क्षेत्रों को पार करना था.

यात्रा के दौरान टीम ने दो बार भूमध्य रेखा को पार किया. इसके अलावा केप हॉर्न, केप ऑफ गुड होप और केप ल्यूविन जैसे प्रसिद्ध समुद्री मार्गों से गुजरते हुए दक्षिणी महासागर और ड्रेक पैसेज जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी नौकायन किया.

समुद्र की ऊंची लहरों, तेज हवाओं और कठिन मौसम के बीच यह अभियान भारतीय महिला अधिकारियों के साहस और प्रशिक्षण की बड़ी परीक्षा था.

कई देशों में फहराया तिरंगा, भारतीय समुदाय से भी किया संवाद

विश्व यात्रा के दौरान टीम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के बंदरगाहों पर पहुंची.

हर जगह भारतीय तिरंगा लहराया गया और वहां रह रहे भारतीय समुदाय से मुलाकात कर भारत की समुद्री परंपरा, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का संदेश दिया गया. इस अभियान ने वैश्विक स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि को भी मजबूत किया.

Bhagalpur News : भागलपुर के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि

भागलपुर का नाम अक्सर शिक्षा, सिल्क और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है. अब इस शहर की पहचान देश की एक ऐसी बहू से भी जुड़ गई है, जिसने महासागरों की विश्व परिक्रमा कर नया इतिहास बनाया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रियंका गोसाई की उपलब्धि जिले की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी. यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और संकल्प के दम पर वैश्विक स्तर पर भी भारत का नाम रोशन किया जा सकता है.

परिवार और शुभचिंतकों को अब उनके भागलपुर आगमन का इंतजार है. शहर में उनके सम्मान को लेकर भी उत्साह का माहौल है.

Also Read: जंतर-मंतर के बाद बिहार बना हॉटस्पॉट : आधी रात को जज के सामने पेशी, 87 प्रदर्शनकारियों को जेल

Also Read: क्या बांकीपुर वोटर लिस्ट में आपका नाम है? इन आसान स्टेप्स से तुरंत पता करें


विज्ञापन
प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन