'चीन की धरती थी तो हमारे सैनिक कहां शहीद हुए ?', राहुल गांधी का पीएम मोदी से सवाल
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 20 Jun 2020 10:08 AM
India china face off, Ladakh faceoff : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (congress, rahul gandhi) ने लद्दाख में चीन (china) के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) पर आज फिर हमला किया है. उन्होंने पीएम मोदी के बयान को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया है. अपने ट्विटर (tweet) वॉल पर राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है... कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिक क्यों शहीद हुए? वे कहां शहीद हुए?
India china face off: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (congress, rahul gandhi) ने लद्दाख में चीन (china) के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) पर आज फिर हमला किया है. उन्होंने पीएम मोदी के बयान को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया है. अपने ट्विटर (tweet) वॉल पर राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है… कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिक क्यों शहीद हुए? वे कहां शहीद हुए?
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने भारत-चीन तनाव पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है. प्रधानमंत्री ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों को लेकर बुलाई गई इस बैठक के अंत में कहा कि चीन ने जो किया है उससे पूरा देश आहत और आक्रोशित है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन तनाव पर शुक्रवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में कहा कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा हुआ है और न ही किसी का हमारी किसी चौकी पर कब्जा है. लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन ने जो किया है, उससे पूरा देश आहत व आक्रोशित है. भारत शांति व मित्रता चाहता है, लेकिन उसकी संप्रभुता सर्वोपरि है. प्रधानमंत्री ने कहा कि तैनाती से लेकर कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई तक के सभी मुद्दों पर हमारे सुरक्षा बल वह कर रहे हैं, जो देश की रक्षा के लिए उन्हें करना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रक्षा बलों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सरकार यह आश्वासन दे कि एलएसी पर यथास्थिति बहाल होगी. यह भी कहा कि सरकार इस पूरे मामले में विपक्षी दलों और जनता को विश्वास में ले. स्थिति के बारे में नियमित तौर पर अवगत कराती रहे. हालांकि सोनिया ने यह सवाल भी किया कि चीनी सैनिकों की घुसपैठ कब हुई थी? उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम एकजुट हैं, लेकिन चीनी सैनिकों ने कब घुसपैठ की, सरकार को इस बारे में कब जानकारी मिली और माउंटेन स्ट्राइक कोर की वर्तमान स्थिति क्या है, हम इन पहलुओं से अनभिज्ञ हैं. बैठक में करीब 20 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी दलों ने देश की अखंडता के लिए रक्षा बलों व सरकार के हर कदम का समर्थन का वादा किया.
PM has surrendered Indian territory to Chinese aggression.
If the land was Chinese:
1. Why were our soldiers killed?
2. Where were they killed? pic.twitter.com/vZFVqtu3fD— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 20, 2020
टीएमसी प्रमुख व पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पूरा देश सेना के जवानों के साथ एकजुट होकर खड़ा है. उन्होंने कहा कि चीन जो चाहे, वह कर सकता है, क्योंकि वहां तानाशाही है. हमारे देश में लोकतंत्र है. वहीं पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार ने कहा कि हम सभी को राष्ट्रहित के मुद्दों पर सावधानी बरतनी चाहिए. झड़प के दौरान जवान हथियारों से लैस थे या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय समझौते का मुद्दा है.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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