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Health: कोरोना टीकाकरण का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं

Updated at : 25 Jul 2025 9:12 PM (IST)
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Biharsharif News :

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी ने 18-45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में अचानक मौतों को लेकर एक अध्ययन किया, जिसमें पाया गया कि हार्ट अटैक का काेराेना टीका से कोई संबंध नहीं है. आधुनिक जीवनशैली के कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं.

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देश में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए मेडिकल पेशेवरों की संख्या बढ़ाने के लिए भी विशेष उपाय किया है. मेडिकल कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या में वृद्धि की गयी है. वर्ष 2014 से अब तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 780 हो गयी. इस दौरान स्नातक (यूजी) सीटें 51348 से बढ़कर 115900 और स्नातकोत्तर (पीजी) सीटें 31185 से बढ़कर 74306 हो गयी. 

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा मुहैया करायी गयी जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में देश में 1386157 पंजीकृत एलोपैथिक डॉक्टर हैं. आयुष मंत्रालय के अनुसार आयुष चिकित्सा पद्धति में 751768 पंजीकृत चिकित्सक हैं. एलोपैथिक और आयुष दोनों प्रणालियों में 80 फीसदी पंजीकृत चिकित्सक देश में काम कर रहे है और  देश में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात 1:811 होने का अनुमान है. 

केंद्र सरकार की ओर से जिला, रेफरल अस्पतालों का आधुनिकीकरण करके नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 157 स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों में से 131 नए मेडिकल कॉलेज काम कर रहे है.

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉकों का निर्माण कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों का आधुनिकीकरण के लिए 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 71 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. नए एम्स की स्थापना के लिए 22 एम्स को मंजूरी दी गयी, जिसमें से 19 में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है. 

 हार्ट अटैक के मामले बढ़ने की वजह दूसरी

सरकार ने साफ किया कि कोरोना टीकाकरण के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले नहीं बढ़े हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च(आईसीएमआर) द्वारा किए गए अध्ययन में भी इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है.आइसीएमआर के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी ने 18-45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में अचानक मौतों को लेकर एक अध्ययन 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में 729 अचानक मौत के मामले को लेकर किया. अध्ययन में पाया गया कि कोरोना टीकाकरण के दोनों डोज लेने वालों में मौत के खतरे को काफी कम किया.

 लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अध्ययन में पाया कि कोरोना टीकाकरण का अचानक होने वाली मौत से कोई संबंध नहीं है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बाद युवाओं में हार्ट अटैक के कारण होने वाली कई मौत सामने आयी. ऐसा कहा जाने लगा कि कोरोना टीका के कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं. इसके लिए सरकार की ओर से स्टडी कराने का फैसला लिया गया और इसमें पाया कि हार्ट अटैक का काेराेना टीका से कोई संबंध नहीं है. आधुनिक जीवनशैली के कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं.

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Anjani Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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