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H-1B Visa : H-1B वीजा नीति का भारत पर कैसे पड़ेगा बुरा असर? ट्रंप ने बढ़ा दी मोदी सरकार की टेंशन

Updated at : 21 Sep 2025 6:38 AM (IST)
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Modi govt vs Donald Trump

H-1B वीजा नीति डालेगी भारत पर प्रभाव (File Photo)

H-1B Visa : भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का योगदान करीब 55% है और अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है. अमेरिकी बाजार में भारतीय सेवाओं की कमी से लाखों नौकरियों पर असर पड़ सकता है. ट्रंप के इस फैसले ने भारत की चिंता बढ़ा दी है.

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H-1B Visa : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए फैसले ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. फैसले के तहत एच-1बी वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) की भारी फीस लगाने का प्रस्ताव लाया गया है. यह भारतीय आईटी पेशेवरों और कंपनियों पर खासा प्रभाव डालेगा. आम तौर पर 66 हजार डॉलर सालाना कमाने वाले वीजा धारकों के लिए इतना भारी भरकम शुल्क वीजा कार्यक्रम को लगभग बंद कर देने जैसा है. मामले के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारतीय प्रवासी कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा. इतना ही नहीं, भारत-अमेरिका के व्यापार संबंधों और बातचीत पर भी निगेटिव इम्पैक्ट डालेगा.

भारत की आईटी कंपनियों और पेशेवरों के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है. एच-1बी वीजा के जरिए हर साल कई भारतीय विशेषज्ञ अमेरिकी कंपनियों में काम करते हैं. लेकिन आने वाले दिनों में नई शर्तें इस अवसर को सीमित कर देंगी. नासकॉम ने चेतावनी दी है कि इससे अमेरिकी इनोवेशन और एम्प्लॉयमेंट बाजार पर भी निगेटिव इम्पैक्ट पड़ेगा.

भारत और अमेरिका के संबंध पर पड़ सकता है असर

सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर है कि भारत पहले से ही अमेरिका में सर्विस सेक्टर की अधिक पहुंच की मांग कर रहा था. लेकिन यह फैसला बातचीत के संवेदनशील दौर में आने से दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ सकती है और व्यापार समझौते की संभावनाओं को कमजोर कर सकती है.

यह भी पढ़ें : H-1B Visa : H-1B वीजा के लिए 88 लाख रुपये? ट्रंप का नया 100,000 डॉलर वाला नियम डालेगा भारत पर प्रभाव

एच-1बी वीजा को लेकर भारत क्यों है चिंतित

एच-1बी वीजा को लेकर भारत चिंतित है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का योगदान लगभग 55% है और अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है. अगर अमेरिकी बाजार में भारतीय सेवाओं की पहुंच कम होती है, तो लाखों नौकरियों पर असर पड़ सकता है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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