संसद के शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना कम, भारत जोड़ो यात्रा में रहेंगे व्यस्त

आगामी 7 दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस राज्यसभा में विपक्ष के नेता का चयन भी कर सकती है. इसका कारण यह है कि राज्यसभा में प्रतिपक्ष के पूर्व नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के पहले से राज्यसभा में प्रतिपक्ष का पद रिक्त है.
नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी के आगामी 7 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने की संभावना कम ही दिखाई दे रही है. करीब 17 दिनों तक चलने वाले संसद का शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी के शामिल नहीं होने के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि इस समय वे भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त रहेंगे. कांग्रेस के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपनी पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा जारी रखने के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं हो सकते हैं.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, संसद का शीतकालीन सत्र ऐसा पहला सत्र होगा, जिस दौरान राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पदेन राज्यसभा के सभापति भी हैं. खबर यह भी है कि आगामी 7 दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस राज्यसभा में विपक्ष के नेता का चयन भी कर सकती है. इसका कारण यह है कि राज्यसभा में प्रतिपक्ष के पूर्व नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अक्टूबर महीने में संपन्न सांगठनिक चुनाव में कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचित किए गए हैं. उनका कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद से राज्यसभा में प्रतिपक्ष का पद रिक्त है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के समय ही पार्टी के एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का अनुसरण करते हुए नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था.
मीडिया की खबरों के अनुसार, संसद के शीतकालीन सत्र के लिए सरकार एक ओर जहां दोनों सदनों में पारित होने वाले विधेयकों की एक सूची तैयार करेगी, वहीं विपक्ष दबाव वाले मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आगे कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मौजूदा आरक्षण को परेशान किए बिना सभी समुदायों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का समर्थन करती है. इसलिए संभावना यह जाहिर की जा रही है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस दोनों सदनों में आरक्षण के मुद्दे को उठाएगी.
इस बीच, राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा 66वें दिन में प्रवेश कर गई है. इस समय भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र पहुंच गई है, जो शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली के कलामनुरी के शेवाला गांव से फिर से शुरू हुई. यह बता देना जरूरी है कि कांग्रेस ने अपने पिछले बयान में दावा किया था कि भारत जोड़ो यात्रा भारतीय इतिहास में किसी भी भारतीय राजनेता द्वारा की गई सबसे लंबी पैदल यात्रा है. यह केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों को पार करने के बाद आजकल महाराष्ट्र में है. यात्रा को देश भर के विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है और यह समर्थन दिन-ब-दिन बढ़ती जा रहा है.
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मीडिया की खबरों के अनुसार, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर महाराष्ट्र में भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना (ठाकरे गुट) ने भी इसके महत्व को बढ़ाते हुए इसमें भाग लेने पर सहमति व्यक्त की है. भारत जोड़ो यात्रा पिछले 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. राहुल गांधी की करीब 3,570 किलोमीटर की इस यात्रा में अभी करीब 2,355 किलोमीटर का सफर अभी बाकी है. यह अगले साल कश्मीर में खत्म होगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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