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'हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे', किसान नेता बोले- दिल्ली की ओर मार्च करने दिया जाए हमें

Updated at : 23 Feb 2024 12:47 PM (IST)
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'हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे', किसान नेता बोले- दिल्ली की ओर मार्च करने दिया जाए हमें

farmers protest: सरकार किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है तो दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति देनी होगी. जानें क्या बोले किसान नेता

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किसान आंदोलन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन कर रहे किसानों के ग्रुप ने कहा है कि वे अब दिल्ली मार्च करेंगे. ‘दिल्ली चलो’ मार्च को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने ताजा प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सरकार की मंशा बिल्कुल साफ थी कि वे हमें किसी भी कीमत पर दिल्ली में इंट्री नहीं देना चाहते हैं. यदि सरकार किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है तो हमें दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति प्रदान करनी होगी.

हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे

उन्होंने आगे कहा कि जब हम दिल्ली की ओर बढ़े तो गोलाबारी की गई. ट्रैक्टरों के टायरों पर गोलियां भी लगीं. डीजीपी हरियाणा ने कहा है कि वे किसानों पर आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. हम इसका इस्तेमाल करने वालों के लिए सजा की मांग करते हैं. किसान नेता बने कहा कि गलत बयान देने का काम किया जा रहा है. हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे हो चुके हैं. हम 21 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. सरकार ने हमें एक प्रस्ताव दिया है ताकि हम अपनी मूल मांगों से पीछे हट जाएं. अब जो भी होगा उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. पंजाब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनकी अनुमति के साथ इस कदम को उठाया गया है…क्या वे भी चाहते हैं…. क्या आपका ऑपरेशन हरियाणा के साथ मिलकर चल रहा है? उन्होंने कहा कि पंजाब में इंटरनेट बंद नहीं किया जाना चाहिए…मुझे नहीं लगता कि केंद्र के पास इस तरह को अधिकार है कि वो प्रदेश की सरकार से पूछे बिना इंटरनेट बंद कर दे.

हाई लेवल मीटिंग के बाद किसान हुए थे शांत

आपको बता दें कि महिलाओं सहित हजारों ग्रामीणों ने आठ फरवरी को दिल्ली के साथ लगती नोएडा की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली जाने का प्रयास किया था जो सफल नहीं हो पाया. इससे शहर में यातायात बाधित हो गया था. प्रदर्शनकारियों ने उस दिन मार्च वापस ले लिया था. पुलिस द्वारा स्थानीय अधिकारियों और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की बात कही गई थी जिसके बाद किसान शांत हो गये थे.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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