Farmers Protest: किसानों ने 21 फरवरी को दिल्ली कूच का किया ऐलान, केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 20 Feb 2024 8:06 AM
Patiala: Farmer leaders Sarwan Singh Pandher and Jagjit Singh Dallewal address the media at the Punjab-Haryana Shambhu border during the 'Delhi Chalo' protest march, in Patiala district, Monday, Feb. 19, 2024. (PTI Photo)(PTI02_19_2024_000336A)
Farmers Protest: एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून की मांग पर अड़े हजारों किसानों ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को एक बार फिर से खारिज कर दिया और 21 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने सोमवार को शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ […]
Farmers Protest: एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून की मांग पर अड़े हजारों किसानों ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को एक बार फिर से खारिज कर दिया और 21 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने सोमवार को शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि केंद्र सरकार ने एमएसपी को लेकर जो प्रस्ताव चौथी वार्ता में दिया है, उसे किसान मानने वाले नहीं हैं.
सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नहीं है…ये किसानों के पक्ष में नहीं : किसान नेता
शम्भू बॉर्डर पर बैठक के बाद प्रेस वार्ता करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, किसान नेताओं ने एमएसपी पर सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, सरकार ने जो प्रस्ताव दिया है, अगर उसे नाप तौल किया जाए, तो उसमें कुछ नहीं दिख रहा है. विश्लेषण करें तो सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नहीं है. ये किसानों के पक्ष में नहीं है. हम इसे खारिज करते हैं.
किसान नेताओं ने पंजाब सरकार पर भी उठाया सवाल, बॉर्डर पर किसानों पर कार्रवाई की निंदा की
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने शंभू बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पंजाब की भगवंत मान सरकार पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, जिस तरह से (शंभू) बॉर्डर पर किसानों के साथ व्यवहार किया गया वह निंदनीय है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को बैठकों में आमंत्रित करने का मुख्य कारण सीमा पर बैरिकेडिंग का मुद्दा उठाना था और उनके राज्य (पंजाब) के लोगों को पड़ोसी राज्य से आंसू गैस की गोलाबारी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने स्थिति पर ध्यान देने की गारंटी दी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्हें यह मुद्दा मंत्रियों के सामने रखना चाहिए था.
किसान नेताओं ने पैलेट गन के प्रयोग पर सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने का किया आग्रह
किसान नेताओं ने पैलेट गन के प्रयोग पर सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया. किसान नेता ने कहा, आज हरियाणा के डीजीपी ने अपने बयान में कहा कि हमने पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया है. हम सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करते हैं कि जिन लोगों ने यह कृत्य किया है, उनके खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया जाए.
किसान नेता पंढेर ने पंजाब सरकार पर केंद्र के साथ मिलीभगत का लगाया आरोप
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने पंजाब सरकार पर एनडीए के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, आप कहते हैं कि कानूनी रास्ता अपनाएंगे, तो आगे बढ़ें. मुझे नहीं लगता कि केंद्र सरकार के पास राज्य सरकार की सहमति के बिना इंटरनेट बंद करने का पर्याप्त अधिकार है. बच्चों की पढ़ाई में नुकसान होगा. कौन जिम्मेदार होगा?
चौथे दौर की वार्ता में सरकार ने किसानों को क्या दिया था प्रस्ताव
किसानों के साथ रविवार रात चौथे दौर की बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ जैसी सहकारी समितियां ‘अरहर दाल’, ‘उड़द दाल’, ‘मसूर दाल’ या मक्का का उत्पादन करने वाले किसानों के साथ एक अनुबंध करेंगी ताकि उनकी फसल को अगले पांच साल तक एमएसपी पर खरीदा जाए. उन्होंने कहा था, खरीद की मात्रा की कोई सीमा नहीं होगी और इसके लिए एक पोर्टल विकसित किया जाएगा. गोयल ने यह भी प्रस्ताव दिया था कि भारतीय कपास निगम उनके साथ कानूनी समझौता करने के बाद पांच साल तक किसानों से एमएसपी पर कपास खरीदेगा.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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