Kisan Andolan News : किसान आंदोलन से डर गई सरकार ? बोले नकवी - "सजिशी सुपारी का संदूक, किसानों के कंधे पर बंदूक"

New Delhi: Farmers, wearing woollen clothes, peel ginger on a cold winter morning during their sit-in protest against the Centre's farm reform laws, at Ghazipur border in New Delhi, Wednesday, Dec. 16, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI16-12-2020_000021B)
Kisan Andolan News : देश के किसान इस भीषण सर्दी (cold weather) में सड़क पर हैं और वो संसद से पास तीन कृषि कानूनों को रद्द (modi government, winter session ) करने की मांग पर अड़े हैं. इन्हें विपक्ष का भी साथ मिल रहा है. मुखर होते इस आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने इस बार शीतकालीन सत्र नहीं बुलाने का फैसला किया है जिसके बाद विपक्ष और हमलावर हो गई है. bjp,congress,samajwadi party,sp
देश के किसान (Kisan Andolan) इस भीषण सर्दी में सड़क पर हैं और वो संसद से पास तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. इन्हें विपक्ष का भी साथ मिल रहा है. मुखर होते इस आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने इस बार शीतकालीन सत्र नहीं बुलाने का फैसला किया है जिसके बाद विपक्ष और हमलावर हो गई है. जहां वो सरकार के इस फैसले को किसान आंदोलन पर चर्चा के डर का असर बता रहा है. वहीं सत्र न बुलाने के पीछे सरकार कोरोना को वजह बता रही है. किसान आंदोलन से से जुड़ी हर Breaking News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.
इन सबके बीच बयानों का दौर तेज हो चला है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि “सजिशी सुपारी का संदूक, किसानों के कंधे पर बंदूक.” इन साजिशी सुपारी को कोई सरकार देश के सभी तबकों के हित में बिना रुके-थके काम करे, ये बात हज़म नहीं होती इसलिए वो साजिशी सुपारी लेकर लोगों के बीच भय और भ्रम का माहौल पैदा करते रहते हैं.
इधर कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने कहा है कि हमारा यहां आज दसवां दिन है. राहुल जी ने कहा है जिस दिन कांग्रेस की सरकार बनेगी कैबिनेट की पहली ही बैठक में ये कानून खत्म कर दिए जाएंगे.
Also Read: 7th Pay Commission Latest Updates : अगले साल बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी ? DA को लेकर…
किसानों का प्रदर्शन हुआ तेज: किसानों के प्रदर्शन की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ा है. नोएडा के ADCP रणविजय सिंह ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं. दोनों तरफ से ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है. संगठन के लोग यहां आते-जाते रहते हैं. उनके नेतृत्व से बात करने के बाद चीजें मैनेज हो जा रही हैं.
Also Read: इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की डाक पे सेवा से आप किन चीजों का ले सकेंगे लाभ जानें…
कल से शामिल होंगे यूपी के खाप: इधर उत्तर प्रदेश के कई खापों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किये जा रहे किसान आंदोलन को समर्थन दिया है और वह 17 दिसंबर को दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. खाप प्रमुखों ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी करार दिया और उन्हें वापस लेने की मांग की.
"सजिशी सुपारी का संदूक, किसानों के कंधे पर बंदूक।" इन साजिशी सुपारी को कोई सरकार देश के सभी तबकों के हित में बिना रुके-थके काम करे, ये बात हज़म नहीं होती इसलिए वो साजिशी सुपारी लेकर लोगों के बीच भय और भ्रम का माहौल पैदा करते रहते हैं: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी pic.twitter.com/34nXfd2Wtd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 16, 2020
Posted By : Amitabh Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




