ePaper

किसानों का 'दिल्ली चलो' मार्च रद्द, पुलिस ने पहले बरसाया फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले

Updated at : 08 Dec 2024 10:00 PM (IST)
विज्ञापन
Farmers Delhi Chalo march cancelled

किसानों का 'दिल्ली चलो' मार्च रद्द

Farmers Dilli Chalo March : शंभु बॉर्डर पर डटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले उनपर फूलों की बारिश की और फिर भी जम वे नहीं माने तो उनपर आंसू गैस की गोलियां दागीं गईं.

विज्ञापन

Farmers Dilli Chalo March : किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च आज रद्द कर दिया गया है. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि एक किसान घायल हो गया है और उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया है. आज मौसम भी किसानों के अनुकूल नहीं है, 8-9 किसान भी घायला हैं. सरवन सिंह ने बताया कि आज मार्च को रद्द किया जाता है, आगे के आंदोन के बारे में तारीख तय करके जानकारी दी जाएगी. रविवार को किसानों ने दिल्ली चलो अभियान की जानकारी दी थी.

पुलिस ने किसानों पर बरसाए फूल

शंभु बॉर्डर पर डटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले उनपर फूलों की बारिश की और फिर भी जम वे नहीं माने तो उनपर आंसू गैस की गोलियां दागीं गईं. शंभु बॉर्डर पर जमे किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने पहले ही सूचना दे दी थी कि हमारे 101 किसानों का जत्था दिल्ली जाएगा. हमने पहले ही सूची जारी कर दी थी. अगर पुलिस हमारे पहचान पत्रों की जांच करना चाहती, तो हम तैयार हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि किसानों ने पहचान पत्र दिखाने से मना कर दिया.

किसान नेता ने कहा-हम किसी भी बलिदान के लिए तैयार

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आज पुलिस आंसू गैस का प्रयोग ज्यादा कर रही है क्योंकि हवा का रुख हमारी ओर है. लेकिन हम किसी भी तरह के बलिदान के लिए तैयार हैं. हमारी जो समस्या है उसका समाधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है, इसलिए तय उन्हें ही करना है कि वे हमारी समस्याओं का हल करेंगे या हमें दिल्ली मार्च के लिए मजबूर है.

किसानों को पुलिस ने रोका

किसानों ने दिल्ली चलो मार्च के लिए दोपहर 12 बजे का समय तय किया था. आज सुबह जब वे मार्च के लिए आगे बढ़ने लगे तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया. मार्च के लिए आगे नहीं जाने देने पर किसानों ने पुलिस का विरोध किया. किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग रविवार से ही शुरू कर दी थी. साथ ही सड़क पर कांटे भी बिछाए गए थे ताकि किसान अपनी गाड़ी लेकर आगे ना जा पाएं.

ये है किसानों की मांग

  • -एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग
  • स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मिले कीमत
  • -किसानों को कर्ज माफी मिले
  • -आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए

Also Read :Maharashtra News : ईवीएम से हो रही है बेईमानी, शरद पवार ने कहा-भरोसा नहीं, बैलेट से हो मतदान

सीरिया में असद शासन का अंत, विद्रोहियों का दमिश्क पर कब्जा, जनता में खुशी

Integration of 565 Princely States 4: भोपाल के नवाब को चाहिए था पाकिस्तान का साथ, सरदार पटेल को लिखा था ये पत्र


विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola