Fact Check : पाकिस्तान के 6 झूठ, भारत ने खोल दी पोल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 May 2025 10:34 AM
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Fact Check : ऑपरेशन सिंदूर शुरू होते ही पाकिस्तान ने सोशल मीडिया के माध्यम से झूठ फैलाना शुरू कर दिया. भारत ने उसके एक–एक झूठ की पोल खोलकर रख दी. सोशल मीडिया अकाउंट और मीडिया चैनलों पर झूठ की भरमार है. पढ़ें पाकिस्तान के 6 झूठ के बारे में यहां.
Fact Check : ऑपरेशन सिंदूर शुरू होते ही पाकिस्तान ने तीन दिनों तक लगातार हर रोज झूठ बोला. उसके सोशल मीडिया अकाउंट और मीडिया चैनलों ने लगातार झूठ फैलाया. पाकिस्तान की तरफ से भारत के कई एयरबेस, सैन्य ठिकाने, जेट को तबाह किये जाने के लगातार झूठे दावे कर रहा है. इन दावों की सच्चाई लगातार भारत सरकार की तरफ से बतायी गयी. भारत ने पाकिस्तान को दुनिया के सामने पर्दाफाश किया.
झूठ नं. 1 : पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब पर हमला
सोशल मीडिया पर झूठा दावा किया जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर ड्रोन हमला किया है.
सच : भारत सरकार की नोडल समाचार एजेंसी पीआइबी ने इस दावे का खंडन करते हुए एक्स पोस्ट किया. पीआइबी की तरफ से बताया गया कि ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर ड्रोन हमला करने का दावा पूरी तरह से फर्जी है. इस तरह की सामग्री भारत में सांप्रदायिक नफरत पैदा करने के लिए प्रसारित की जा रही है.
झूठ नं. 2 : राफेल उड़ाने वाली भारतीय महिला पायलट को पकड़ा
पाकिस्तान के समर्थन वाले अकाउंट दावा कर रहे हैं कि राफेल उड़ाने वाली भारतीय महिला पायलट को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया है. उनका विमान पाकिस्तान में क्रैश हो गया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.
सच : पीआइबी की तरफ से इस खबर का भी खंडन किया गया है. पीआइबी की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान के समर्थक सोशल मीडिया हैंडल फर्जी दावा कर रहे हैं कि भारतीय महिला वायुसेना पायलट, स्क्वाड्रन लीडर शिवानी सिंह को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया है. भारतीय महिला वायु सेना पायलट को पकड़ा नहीं गया है.
झूठ नं. 3 : पाकिस्तान के साइबर हमलों से भारत का पावर ग्रिड निष्क्रिय
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की तरफ से एक और दावा किया जा रहा है कि भारत के ऊपर साइबर हमला करके 70% से ज्यादा पावर ग्रिड को निष्क्रिय कर दिया गया है.
सच : पीआइबी की तरफ से बताया गया कि ऑनलाइन झूठा दावा शेयर किया जा रहा है कि जिसमें पाकिस्तान द्वारा किया गया है कि साइबर हमले के कारण भारत का 70% बिजली ग्रिड खराब हो गया है. पीआइबी ने पूरी तरह से इस दावे को फर्जी बताया और इसका खंडन किया.
झूठ नं 4 : भारतीय सैनिकों को रोते हुए अपनी चौकियों को छोड़ा
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है कि भारत-पाक युद्ध के तेज़ होने के साथ ही भारतीय सैनिकों को रोते हुए और अपनी चौकियों को छोड़ते हुए देखा गया. एक सैनिक ने कहा कि हमने इसके लिए हस्ताक्षर नहीं किये थे.
सच : पीआइबी ने इस खबर की पड़ताल करते हुए बताया कि भारतीय सैनिकों को रोते हुए दिखाने वाला एक पुराना वीडियो सही जानकारी के अनुसार एक निजी रक्षा कोचिंग सेंटर के युवाओं का था, जो सेना में अपने चयन का जश्न मना रहे थे. इस वीडियो की पड़ताल करते हुए एक इंस्टाग्राम का लिंक भी दिया, जिसमें यह वीडियो 27 अप्रैल का बताया गया. लिंक की जांच की गयी, वहां यह वीडियो इंदौर फिजिकल अकादमी नाम के एक अकाउंट पर देखने को मिला. वीडियो में छात्रों को भारतीय सेना में अपने चयन का जश्न मनाते हुए दिखाया गया है.
झूठ नं. 5 : भारतीय सैन्य चौकियों का विनाश
एक धमाके का वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के द्वारा भारतीय सेना की चौकियों को नष्ट कर दिया गया है.
सच : पीआइबी ने फैक्ट चेक में बताया गया कि यह वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. इस घटना का पाकिस्तान के द्वारा भारत पर किये जा रहे हमले से कोई संबंध नहीं है. घटना की जांच के बाद पीआइबी ने इस वीडियो को झूठ बताया. साथ ही दावे को फर्जी बताया. वीडियो पुराना था. इसे इमैजे नाम के एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो मूल रूप से 15 नवंबर 2020 को अपलोड किया गया था.
झूठ नं. 6 : पाकिस्तान ने भारत के एस-400 को नष्ट किया
भारत का सुदर्शन चक्र कहा जाने वाले एस-400 ने पाकिस्तान की नींद उड़ा कर रखी हुई है. पाकिस्तान की तरफ से अब यह दावा किया जा रहा है कि भारतीय एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है.
सच : विदेश मंत्रालय की तरफ से हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसका खंडन किया. उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी तरह के नुकसान की खबरें निराधार हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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