मैं एपस्टीन से 3 से 4 बार मिला…राहुल गांधी के आरोप पर हरदीप पुरी ने दिया जवाब

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 11 Feb 2026 7:02 PM

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राहुल गांधी और हरदीप पुरी, फोटो पीटीआई

Epstein Files: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. पुरी ने बताया कि एपस्टीन से उनकी 3 से 4 बार मुलाकात हुई है. जो इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुई थी.

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Epstein Files: लोकसभा में LoP राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, युवा नेता को पता होना चाहिए, एपस्टीन फाइल्स गलत कामों, क्रिमिनल अपराधों के बारे में है. एपस्टीन फाइल्स में आरोप है कि उनके पास एक आइलैंड था जहां वह लोगों को उनकी सेक्सुअल फैंटेसी पूरी करने के लिए ले जाते थे, एपस्टीन पर बाल यौन शोषण के आरोप हैं. पीड़ितों ने अथॉरिटी के खिलाफ केस किए हैं. मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था.

एपस्टीन से क्यों मिले थे हरदीप पुरी?

यूनियन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 2009 में जब मैं न्यूयॉर्क गया था और 2017 में, मैं एपस्टीन से कुल 4 बार मिला. 9 साल में चार बार, मैं IPI का मेंबर था जिसे यह देखने के लिए अपॉइंट किया गया था कि UN अपनी 75वीं एनिवर्सरी पर अपने मकसद के लिए फिट है या नहीं. एपस्टीन के साथ मेरी कोई इंडिपेंडेंट मीटिंग नहीं हुई. एपस्टीन के खिलाफ आरोप सेक्सुअल फेवर, पीडोफिलिया, दूसरे गलत कामों के बारे में हैं. मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है.

Epstein Files: हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, राहुल गांधी को बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. पुरी ने कहा- दो तरह के नेता होते हैं: वे जो पॉलिटिकल सिस्टम में ज़िम्मेदारी लेते हैं और अपनी जिंदगी समाज सेवा, देश को बदलने में लगा देते हैं. और फिर दूसरे नेता भी हैं जो कभी-कभी देश में आते हैं, और जब वे संसद में आते हैं, तो दूसरों की बात सुनने के बजाय सदन से चले जाते हैं. राहुल गांधी आज भी स्पीच देने के बाद बाहर चले गए.

किरेन रीजीजू बोले- राहुल गांधी के पुरी पर लगाए गए आरोप विशेषाधिकार हनन है

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का भाषण झूठ से भरा था. राहुल गांधी ने बिना नोटिस दिये पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एक गंभीर आरोप लगाया है, जो विशेषाधिकार हनन है. उन्होंने कहा, हम आसन को आवश्यक सूचना देंगे. नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर चर्चा में कोई उपयोगी और ठोस योगदान नहीं दिया, बल्कि केवल कुछ बेबुनियाद आरोप लगाए. भाषण देने के बाद राहुल तुरंत सदन से बाहर चले गए. जबकि नियम यह है कि एक बार कोई सदस्य अपना भाषण दे दे, तो वह तुरंत सदन नहीं छोड़ सकता.

राहुल गांधी ने क्या लगाया था आरोप?

संसद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, एक व्यापारी अनिल अंबानी हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि वह जेल में क्यों नहीं हैं? वजह यह है कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है. मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहूंगा कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया. मुझे पता है कि उन्हें किसने मिलवाया, और हरदीप पुरी जानते हैं कि उन्हें किसने मिलवाया. सदन से बाहर राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा है कि मेरे पास जो डेटा है, मैं उसे ऑथेंटिकेट करूंगा. डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस की फाइलें एपस्टीन की फाइलों पर हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है. अडाणी के खिलाफ चल रहे एक केस में समन जारी किए गए हैं. भारत सरकार ने पिछले 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। खास बात यह है कि कोई भी PM नॉर्मल सिचुएशन में ऐसा नहीं करेगा. नॉर्मल सिचुएशन में, कोई भी PM डेटा, किसानों, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस के मामले में वह नहीं करेगा जो हुआ है. कोई ऐसा तभी करेगा जब उस पर एक खास पकड़ होगी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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