Delhi Riots Case : उमर खालिद और शरजील इमाम को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 05 Jan 2026 11:18 AM
दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (File Photo)
Delhi Riots Case : सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में यूएपीए के तहत जेल में बंद उमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.
Delhi Riots Case : करीब पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम की स्थिति दिल्ली दंगों के मामले में अन्य आरोपियों की तुलना में अलग है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी. कोर्ट ने कहा कि मुकदमे में देरी कोई ‘तुरुप का इक्का’ नहीं है जो वैधानिक सुरक्षा उपायों को स्वतः ही दरकिनार कर दे.
पीठ ने कहा कि कोर्ट इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सामग्री से याचिकाकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होते हैं. इन याचिकाकर्ताओं के संबंध में वैधानिक कसौटी लागू होती है. कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है.
SC grants bail to activists Gulfisha Fatima, Meeran Haider, Shifa Ur Rehman, Mohd. Saleem Khan, and Shadab Ahmad in Delhi riots case
— Press Trust of India (@PTI_News) January 5, 2026
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ ने पिछले साल 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली पुलिस ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए का हवाला दिया.
SC rejects bail pleas of activists Umar Khalid, Sharjeel Imam in Delhi riots case
— Press Trust of India (@PTI_News) January 5, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 10 दिसंबर को दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू जबकि आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
वकील अहमद इब्राहिम ने क्या कहा
मामले की सुनवाई से पहले शरजील इमाम के वकील अहमद इब्राहिम ने कहा कि उम्मीद है कि अदालत जमानत देगी, क्योंकि आरोपी करीब छह साल से जेल में हैं और अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है.
VIDEO | Delhi: As SC is set to pronounce its verdict on the bail pleas of activists Umar Khalid, Sharjeel Imam, and others accused in the 2020 Delhi riots conspiracy case today, Ahmad Ibrahim, Sharjeel Imam's lawyer says, "We hope the Supreme Court will grant bail. They have… pic.twitter.com/4487RbnRAU
— Press Trust of India (@PTI_News) January 5, 2026
दंगों का “मुख्य साजिशकर्ता” होने का आरोप
उमर, शरजील और अन्य पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का “मुख्य साजिशकर्ता” होने का आरोप है. उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (आईपीसी) के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
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दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया था इनकार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर सहित अन्य आरोपियों को जमानत देने से दो सितंबर को इनकार कर दिया था. इसके बाद आरोपियों ने उक्त फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था.
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By Amitabh Kumar
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