Delhi Excise Policy Case: मनीष सिसोदिया की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने जारी किया समन

दिल्ली की एक अदालत ने 23 मई को मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत की अवधि एक जून तक बढ़ाने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने जेल प्राधिकारियों को आप नेता को जेल में किताबों के साथ ही एक कुर्सी तथा मेज उपलब्ध कराने पर विचार करने का भी निर्देश दिया था.
दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया और अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर पूरक चार्जशीट का संज्ञान लिया. कोर्ट ने मनीष सिसोदिया, अर्जुन पांडेय, बुच्ची बाबू और अमनदीप ढाल को दो जून के लिए समन जारी किया है.
मनीष सिसोदिया ने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत अर्जी वापस ली
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में अपनी अंतरिम जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली थी और कहा कि उनकी पत्नी की हालत अब स्थिर है. उन्होंने अपनी पत्नी के खराब स्वास्थ्य सहित विभिन्न आधारों पर नियमित और अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी.
सिसोदिया की न्यायिक हिरासत एक जून तक बढ़ायी गई
दिल्ली की एक अदालत ने 23 मई को मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत की अवधि एक जून तक बढ़ाने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने जेल प्राधिकारियों को आप नेता को जेल में किताबों के साथ ही एक कुर्सी तथा मेज उपलब्ध कराने पर विचार करने का भी निर्देश दिया था.
Also Read: अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस पर मनीष सिसोदिया के साथ बदसलूकी करने का लगाया आरोप, शेयर किया वीडियो
सिसोदिया ने पीएम मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
जब सिसोदिया को अदालत कक्ष से बाहर लाया जा रहा था, तो उन्होंने दिल्ली के सेवाओं के मामले पर केंद्र के अध्यादेश पर एक विधेयक लाए जाने के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं.
क्या है मामला
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को आबकारी नीति लागू की थी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 में यह नीति रद्द कर दी थी. सिसोदिया इस संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों में आरोपी हैं. ईडी और सीबीआई दोनों सिसोदिया के खिलाफ जांच कर रही है. दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










