फिजुलखर्ची पर रोकः दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कम किया काफिला, बाइक से विधान भवन पहुंचे सीएम देवेंद्र फडणवीस
Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 May 2026 4:36 PM
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, फोटो- एएनआई
Delhi CM Reduces Convoy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन बचाने की अपील के बाद कई राज्य सरकारों ने अपने काफिलों का आकार छोटा करना शुरू कर दिया है. बढ़ते वैश्विक तनाव और ईंधन बचत की जरूरत को देखते हुए सरकारें अब खर्च में कटौती और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर दे रही हैं.
Delhi CM Reduces Convoy: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) और अन्य मंत्रियों ने अपने काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या कम करने का फैसला लिया है. रेखा गुप्ता को Z प्लस सुरक्षा मिली हुई है. पहले उनके काफिले में करीब 12 वाहन शामिल होते थे, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ चार कर दिया गया है. इनमें से दो वाहन इलेक्ट्रिक हैं. इसके अलावा, दिल्ली सरकार के मंत्रियों के काफिलों में भी कटौती की गई है. अब किसी भी मंत्री के साथ सीमित संख्या में ही वाहन चलेंगे, ताकि ईंधन और सरकारी खर्च दोनों में बचत हो सके.
बाइक से विधान भवन पहुंचे देवेंद्र फडणवीस
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को विधान परिषद के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मोटरसाइकिल से विधान भवन पहुंचे. वह अपने सरकारी आवास वर्षा से दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन तक बाइक से पहुंचे. इस दौरान उनके साथ भाजपा नेता और मंत्री आशीष सेहलर भी मौजूद थे.
मंत्री नितेश राणे पैदल पहुंचे मंत्रालय
ईंधन बचत की इसी पहल के तहत राज्य के मंत्री नितेश राणे ने मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए मंत्रालय तक पैदल जाने का फैसला किया.
सरकार के इस कदम को मितव्ययिता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
महाराष्ट्र सरकार ने किए कई बड़े फैसले
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बुधवार को मितव्ययिता से जुड़े कई फैसलों की घोषणा की थी. इनमें मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या आधी करना और मंत्रियों व अधिकारियों के विदेशी दौरों को रद्द करना शामिल है.
पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचाने पर जोर
सरकार का यह फैसला मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए लिया गया है. भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर पश्चिम एशिया पर निर्भर है. बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बाहरी दौरों के दौरान मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या तय सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके पालन की जिम्मेदारी संबंधित पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है. साथ ही सरकार विभिन्न विभागों को आवंटित वाहनों की समीक्षा भी करेगी.
हैदराबाद रैली में पीएम मोदी ने दिया था मितव्ययिता का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को हैदराबाद में आयोजित एक रैली के दौरान सरकारी खर्चों में कमी लाने, ईंधन की बचत करने पर जोर दिया था. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकारी विभागों और आम लोगों से अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की थी.
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By Pritish Sahay
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