साइबर जालसाज ने खुद को बताया अफगानिस्तान की पूर्व प्रथम महिला, 5 लाख रुपये की ठगी को दिया अंजाम

Cyber Fraud: एक साइबर जालसाज ने खुद को अफगानिस्तान की पूर्व प्रथम महिला बताकर एक बुजुर्ग व्यक्ति से भारत में 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश में मदद मांगी और कथित तौर पर 5 लाख रुपये ठग लिये. यह जानकारी पुलिस ने दी.
Cyber Fraud: आये दिन साइबर ठगी और अपराधों से जुड़ी खबरें सामने आते रहते हैं. साइबर ठगी की ऐसी ही घटना से पर्दा उठा है. बता दें एक साइबर जालसाज ने खुद को अफगानिस्तान की पूर्व प्रथम महिला बताकर बुजुर्ग व्यक्ति से 5 लाख रुपये की ठगी कर ली है. ठगी होने के बाद 71 वर्षीय बुजुर्ग ने पुलिस से इस घटना की शिकायत की. साइबर जालसाज ने इन्हें ठगने के लिए ई-मेल का सहारा लिया था. जालसाज ने ई-मेल के जरिये बुजुर्ग व्यक्ति से भारत में 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश में मदद मांगी थी. चलिए विस्तार से जानते हैं आखिर इस ठग ने किस तरह से बुजुर्ग को चूना लगाया.
एक साइबर जालसाज ने खुद को अफगानिस्तान की पूर्व प्रथम महिला बताकर एक बुजुर्ग व्यक्ति से भारत में 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश में मदद मांगी और कथित तौर पर 5 लाख रुपये ठग लिये. यह जानकारी पुलिस ने दी. एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना का पता 8 अप्रैल को चला, जब अंधेरी उपनगर निवासी एवं पेशे से अकाउंटेंट व्यक्ति (71) ने पुलिस से संपर्क कर धोखाधड़ी की शिकायत की. पीड़ित की पहचान रमेशकुमार शाह के तौर पर की गई है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें 18 फरवरी को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें प्रेषक ने खुद को अफगानिस्तान की पूर्व प्रथम महिला (अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी की पत्नी) रूला गनी बताया और कहा कि उन्हें भारत में उनकी मदद की आवश्यकता है.
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अधिकारी ने कहा कि शाह के ई-मेल का जवाब देने के बाद, प्रेषक ने उन्हें बताया कि वह भारत में 2.2 करोड़ डॉलर का निवेश करना चाहती हैं और राशि शाह के खाते में जमा की जाएगी. अधिकारी ने बताया कि ई-मेल भेजने वाले ने शाह को बताया कि उन्हें 2.2 करोड़ डॉलर का 25 प्रतिशत मिलेगा और बाकी की रकम उन्हें ऐसे व्यापार में लगाना होगा जिससे उन्हें फायदा हो. अधिकारी ने बताया कि ई-मेल भेजने वाले ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए पासपोर्ट की एक प्रति, दो तस्वीरें और 2.2 करोड़ डॉलर की रसीद भी भेजी और पीड़ित ने उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.
अधिकारी ने कहा कि शाह को सूचित किया गया कि इंडोनेशिया में एक बैंक के प्रबंध निदेशक आगे के निर्देशों के लिए उनसे संपर्क करेंगे और तदनुसार, उन्हें WhatsApp पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को रुला का प्रतिनिधि बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी प्रक्रिया शुरू करने और एक इंडोनेशियाई बैंक में खाता खोलने के लिए 360 डॉलर जमा करने के लिए कहा गया. अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों बाद फोन करने वाले ने फिर से शाह से विदेशी खाते को स्थानीय खाते में बदलने के लिए कुछ राशि जमा करने को कहा.
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अधिकारी ने कहा कि जब फोन करने वाले ने उनकी कॉल का जवाब देना बंद कर दिया, तो शाह को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है. अधिकारी ने कहा कि अज्ञात साइबर जालसाजों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. (भाषा इनपुट के साथ)
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